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ंविदर्भ के बाद दक्षिणी राचयों को यूपी देगा गेहूँ

विदर्भ और गुजरात के बाद यूपी इस बार कर्नाटक और तमिलनाडु समेत दूसर दक्षिणी रायों को गेहूँ भेजेगा। यूपी में इस बार अपनी सालाना जरूरत से करीब दोगुनी सरकारी खरीद हुई है। इसको देखते हुए गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण खासतौर पर बरसात में गेहूँ को भीगने से बचाना एक चुनौती बन गया है।ड्ढr यूपी की सालाना जरूरत 15 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण खुद राय सरकार कर रही है जबकि इससे ऊपर की खरीद का सारा गेहूँ भारतीय खाद्य निगम(एफसीआई) रख रहा है। निगम ने करीब दस साल बाद इस बार खरीद की है। एफसीआई के अफसरों के मुताबिक मौजूदा समय में करीब एक लाख मीट्रिक टन गेहूँ खुले में रखा हुआ है। इसको ढकने के लिए 140 नए कवर आ चुके हैं जबकि पुराने कवर भी मरम्मत के बाद काम आ रहे हैं। निगम की कोशिश जहाँ गेहूँ के सुरक्षित रखरखाव की है वहीं यादा से यादा गेहूँ दूसर रायों को भेजने की है। जून माह में करीब पौने दो लाख मीट्रिक टन गेहूँ महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र और गुजरात भेजा चुका है। जबकि इस माह डेढ़ लाख मीट्रिक टन गेहूँ दक्षिणी रायों को भेजने की तैयारी है। निगम अफसरों का दावा है कि फिलहाल खुले में रखा गया गेहूँ भी सुरक्षित है। कहीं गेहूँ भीगकर सड़ने की आशंका नहीं है।ड्ढr

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