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दस को दिल्ली में विमर्श करंगे विजेंद्र

बिहार की सिंचाई परियोजनाओं और बाढ़ से बचाव की योजनाओं के कार्यान्वयन में मदद का प्रस्ताव लेकर जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव दिल्ली जाएंगे। वे वहां 10 जुलाई को केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों से बिहार की जरूरतों को लेकर विचार-विमर्श करंगे। यही नहीं बिहार के विभिन्न प्रस्तावों को लेकर दिल्ली में कायम गतिरोध दूर करने का भी वे अनुरोध करंगे। श्री यादव ने कहा कि बाढ़ के कारण हर साल एक फसल नष्ट हो जाती है और अंतरराष्ट्रीय नदियों के कारण हर वर्ष भारी तबाही झेलनी पड़ती है। यही नहीं अंतर्राज्यीय नदियों के डाउनस्ट्रीम में होने के कारण सिंचाई के लिए पानी मिलने में कठिनाई होती है। ऐसे में केन्द्र से बिहार को विशेष सहयोग मिलना आवश्यक है।ड्ढr ड्ढr बीते बुधवार को केन्द्रीय जल संसाधन सचिव यू.एन.पंजियार ने सिंचाई व बाढ़ बचाव योजनाओं के लिए बिहार की पीठ थपथपाई और नई परियोजनाओं के लिए बिहार से प्रस्ताव भी मांगा है। त्वरित सिंचाई लाभ योजना (एआईबीपी) के तहत केन्द्र बिहार की और परियोजनाओं को मंजूरी दे सकता है। श्री यादव केन्द्र से कोसी तटबंधों के सुदृढ़ीकरण और उसपर सड़कों के निर्माण के लिए 418 करोड़ रुपए की योजना प्रस्ताव पर भी सहमति लेने का प्रयास करंगे। वे उदेरा स्थान बराज सिंचाई परियोजना, बटेश्वरस्थान पम्प नहर योजना को भी एआईबीपी के तहत मंजूरी दिलाने की मांग केन्द्र के समक्ष पहले ही रख चुके हैं। केन्द्र ने कोसी योजना की तरह गंडक योजना में भी नेपाल के हिस्से में होने वाले कार्यो की प्रतिपूर्ति का भरोसा दिया है। इस मुद्दे पर बिहार और केन्द्र के बीच गत एक दशक से गतिरोध कायम है। केन्द्र कोसी योजना के तहत नेपाल के हिस्से में होने वाले कार्यों के संपूर्ण खर्च की प्रतिपूर्ति करता है, लेकिन गंडक योजना के तहत बिहार को अपने खजाने से खर्च करना पड़ता है।ं

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