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दिल्ली में समलैंगिकों का प्रदर्शन

दिल्ली में समलैंगिकों का प्रदर्शन

महिला समलैगिक, पुरुष समलैंगिक, उभयलिंगी और किन्नर (एलजीबीटी) समुदाय के सदस्यों और उनके अधिकारों के समर्थक कार्यकर्ताओं ने रविवार को यहां सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने पोस्टर और बैनर लहराए, जिन पर ‘हम अपराधी नहीं हैं’ और ‘दूसरे मनुष्य से प्यार करना अपराध नहीं है’ जैसे नारे लिखे थे।

प्रदर्शनकारियों में एलजीबीटी समुदाय के सदस्य, उनके परिवारजन, महिला यौनकर्मी और महिला अधिकारवादी संगठन के सदस्य शामिल थे, जो फैसले को अविलंब वापस लिए जाने की मांग कर रहे थे।

विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने वाले संगठन सोसायटी फॉर पीपुल्स अवेयरनेस, केयर एंड एंपावरमेंट (स्पेस) के संस्थापक सदस्य अंजन जोशी ने कहा, ‘हम व्यक्तिगत आजादी और मानवाधिकार के विरुद्ध इस फैसले का कड़ा विरोध करते हैं।’ जोशी ने कहा, ‘हमें इस समुदाय के बाहर से काफी समर्थन मिल रहा है। सरकार और विधायिका को इस पर गौर करना चाहिए।’

स्पेस के मुताबिक सरकार पर दबाव डालने के लिए दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर सप्ताह भर प्रदर्शन किया जाएगा। जोशी ने कहा, ‘हमने विरोध का एक खंभा खड़ा किया है और हमें समर्थन देने वाले लोग इस पर एक धागा बांध कर अपना विरोध जता सकते हैं। यह खंभा सभी स्थानों पर हमारे साथ जाएगा और आखिरकार अभियान के अंत में इसे कानून मंत्री को सौंपा जाएगा।’

सर्वोच्च न्यायालय ने 11 दिसंबर के फैसले में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को बरकरार रखा। यह धारा समलैंगिक संबंधों पर पाबंदी लगाती है। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2009 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि यह धारा एलजीबीटी समुदाय के अधिकार का उल्लंघन करती है।

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