DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तटबंध पर विभाग की नजर नहीं

पिछले साल की भीषण बाढ़ की तबाही का आलम अबतक साक्षात दिखाई दे रहा है। जिन स्थानों पर तटबंधों ध्वस्त होने या कमजोर होने से तबाही मची थी, उस स्थानों पर इस वर्ष भी खतरा बरकरार है। तटबंध मरम्मत की सरकारी समय सीमा समाप्त हो चुकी है।ड्ढr ड्ढr विभाग के कागजों में जहां एक दर्जन जर्जर स्थानों पर मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है, वहीं धरातल पर कछुए की गति से कार्य जारी है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग से बाढ़ राहत व बचाव के लिए कोई आवंटन नहीं मिलने के बाद भी प्रशासन की बैठकों का दौर जारी है। औराई प्रखंड के बीडीओ ने जिलाधिकारी को लखनदेई नदी का तटबंध पूर्णत: जर्जर होने की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि पिछले वर्ष आयी बाढ़ में यह 15 स्थानों पर ध्वस्त हुआ था, लेकिन दो स्थानों को छोड॥कर कहीं मरम्मत नहीं हुई है। बागमती प्रमंडल रून्नीसैदपुर के कार्यपालक अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को तटबंध का 53.16 से 58.03 किलोमीटर तक हो रहे विस्तारीकरण में तीन स्थानों पर भरथुआ, बेनीपुर व बभनगामा में बांध अर्धनिर्मित बताया है। बागमती में आयी पहली बाढ़ ने बेनीपुर, भरथुआ व पटोरी में कटाव शुरू कर बांध के अस्तित्व को चुनौती दी है।ड्ढr ड्ढr गंडक नदी का तिरहुत तटबंध 2से 83.4 किलोमीटर तक जर्जर है। पिछली बाढ़ में यह तटबंध पहाड़पुर-मनोरथ, सुतिहारा ढ़ाला, फतेहाबाद, रतनपुर डीह, चक पिताम्बर तथा खंजाहा में कट चुका है।बूढ़ी गंडक का तटबंध अंजनाकोट, गोसाईपुर घाट, बहादुरपुर, सलेमपुर, राघोपुर, चन्दपरना में तथा हरपुर, ककड़ाचक, रामपुर महिनाथ, तेपरी में तटबंध जर्जर है। कार्यपालक अभियंता ने इन स्थानों पर मरम्मत कार्य को अंतिम चरण में बताया है। सीओ ने आपदा प्रबंधन प्रशाखा को सकरा प्रखंड में कदाने का तटबंध आठ स्थानों पर, पारू में 13, कांटी में छह, मुशहरी में तीन किलोमीटर में, मीनापुर में पांच स्थानों पर, कटरा में चार, मुरौल में छह, कुढ़नी में चार तथा औराई में छह स्थान पर जर्जर बताया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: तटबंध पर विभाग की नजर नहीं