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चीन-ताइवान संबंधों की नई उड़ान

चीन और ताइवान के बीच पिछले साठ वषर्ों में पहली बार सीधी विमान सेवा शुरू हो गई है। इसे दोनों देशों के रिश्तों में आए सुधार का संकेत माना जा रहा है। वर्ष 10 में गृह युद्ध के बाद ताइवान चीन से अलग हो गया था और आपसी संपर्क भी सीमित हो गए। अब तक यात्रियों को चीन से ताइवान या ताइवान से चीन जाने के लिए किसी तीसरे देश का सहरा लेना पड़ता था। अब दोनों देशों के कई शहरों के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई है। हालांकि अभी यह सप्ताहांत तक ही सीमित होगी लेकिन इसे दोनो देशों के बीच रिश्ते सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। ताइवान में मा यंग जियो के राष्ट्रपति बनने के बाद चीन, ताइवान के परस्पर संबंधों में गर्माहट आई है। चीन का मानता रहा है कि ताइवान उसका हिस्सा है और वह कई बार उसे मुख्य चीन में मिलाने के लिए बल प्रयोग की धमी दे चुका है। इस हफ्ते के अंत तक दोनों देशों के बीच 36 उड़ानें शुरू हो जाएंगी। ताइपेई पहुंचे पहले विमान में 250 यात्री सवार थे। इसमें चीन के एक सौ पर्यटक शामिल है। ताइपेई पहुंचने पर इनका पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। जब चीन के सदर्न एयरलाइन का विमान ताइवान पहुंच रहा था, उसी समय ताइवान से पर्यटकों को लेकर एक विमान शंघाई की आेर बढ़ रहा था। दोनों देशों के बीच यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। चीन ने 18 जुलाई से हर दिन तीन हजार पर्यटकों को ताइवान जाने की अनुमति देने का फैसला किया है।

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  • Web Title: चीन-ताइवान संबंधों की नई उड़ान