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आेबामा-मैक्केन को देना पड़ रहा है देशभक्ित का सबूत

एक तरफ चार जुलाई को अमेरिकी जनता स्वतंत्रता दिवस के रूप में मना रही है वहीं उनके बीच राष्ट्रपति चुनाव में देशभक्ित का मुद्दा जोर-शोर से उठने लगा है। उम्मीदवारों को राष्ट्रभक्ित का सबूत देना पड़ रहा है, वहीं उनकी इस वफादारी पर शक की उंगलियां उठाने का सिलसिला भी जोर पकड़ चुका है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बराक आेबामा और रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन मैक्केन खुद को राष्ट्रभक्त साबित करने का कोई भी मौका नहीं गंवा रहे हैं। वैसे, उनकी राष्ट्रभक्ित को सवाल के घेरे में लाने की मुहिम भी जोर पकड़ चुकी है। इंटरनेट इसका बड़ा हथियार बन गया है। इस मोर्चे पर आेबामा की मुश्किलें अधिक बढ़ गई हैं। इंटरनेट पर यह किस्सा तैर रहा है कि आेबामा ने छात्र जीवन में अमेरिका के प्रति वफादारी जताने वाली कविता पढ़ने और कमीज पर अमेरिकी ध्वज लगाने से मना कर दिया था। एक और कहानी यह फैलाई गई है कि आेबामा मूलत: मुसलमान हैं और उन्होंने इंडोनेशिया में बचपन में मदरसे में पढ़ाई की थी। आेबामा के प्रचार प्रबंधक इतने चिंतित हैं कि उन्हें ऐसी अफवाहों का खंडन करने के लिए ‘फाइट द स्मीयर्स डॉट कॉम’ नाम से वेबसाइट लांच करनी पड़ी है। वियतनाम युद्ध के हीरो रहे मैक्केन ने अपनी देशभक्ित की कहानी से जनता को प्रभावित करने के लिए ‘ट्रूथ स्कवैड’ नाम से मुहिम चलाई है। वैसे, उनकी राष्ट्रभक्ित को भी संदेह के घेरे में लाने का सिलसिला जारी है।

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  • Web Title: आेबामा-मैक्केन दे रहे हैं देशभक्ित का सबूत