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जलवायु परिवर्तन पर साझा कार्रवाई को राजी सार्क देश

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के मंत्री अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं से पहले जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और संयुक्त कार्ययोजना अपनाने पर सहमत हो गए हैं। गुरुवार को सार्क देशों की ढाका घोषणा में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन विकसित देशों द्वारा गैसों के लगातार किए जा रहे उत्सर्जन का परिणाम है। सार्क देशों के मंत्रियों की जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर यह पहली बैठक थी। मंत्रियों की वार्ता में इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि जलवायु परिवर्तन के कारण विकासशील देशों के स्थायी विकास के मिलेनियम लक्ष्यों को प्राप्त करने की संभावना के लिए खतरा पैदा हो गया है। सार्क देश इस बात के लिए भी सहमत हो गए हैं कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर किसी अंतरराष्ट्रीय वार्ता से पहले वह आपस में सलाह करेंगे। मंत्रिस्तरीय बैठक का शुभारंभ बांग्लादेश सरकार के प्रमुख सलाहकार फखरूद्दीन अहमद ने किया। बैठक की अध्यक्षता वन और पर्यावरण मंत्रालय के विशेष सहायक राजा देबाशीष राय ने की। बैठक में श्रीलंका के मंत्री पटाली चम्पिका रानवाक एमपी, भारत के नमो नारायण मीणा, मालदीव के अब्दुल्लाह माजिद, भूटान के नाडो रिचेन, अफगानिस्तान के प्रतिनिधि अब्दुल करीम नवाबी, बांग्लादेश के असदुज्जमान और पाकिस्तान के जावेद अली खान शामिल हुए।

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  • Web Title: जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई को राजी सार्क देश