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महंगाई फिर चढ़ी ऊपर

सहयोगी वाम दलों की उठापटक और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के हमलों से पीड़ित यूपीए सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों सरकार और रिार्व बैंक के साझा प्रयासों को किनार लगाते हुये महंगाई दर 13 साल के रिकॉर्ड स्तर 11.63 फीसदी पर पहुंच गई है। यही नहीं, इसकी गति फिलहाल रुकने वाली नहीं है। विशेषज्ञों ने इसके 13 फीसदी पर पहुंचने की आशंका जाहिर है। इसके चलते चालू माह के अंत तक घोषित होने वाली मौद्रिक नीति के तहत रिार्व बैंक को फिर से ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी करना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं बीएसई संवेदी सूचकांक आज और 35अंक नीचे लुढ़क गया। संबंधित सप्ताह के दौरान महंगाई दर को बढ़ाने की अहम वजह अनाज, खाद्य तेल, दवाओं, फलों, सब्जियों और स्टील के मूल्यों में बढ़ोत्तरी रही है। वहीं आगामी लोकसभा व सात राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुये सरकार ने महंगाई के चलते खराब हुई अपनी छवि को सुधारने के लिए विज्ञापन अभियान चलाने फैसला किया है। इसके तहत संचार माध्यमों के जरिए सरकार लोगों को यह बताएगी कि पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत में महंगाई कम बढ़ी है। सचिवों की समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये कैबिनेट सचिव के.एम.चंद्रशेखर ने इस आशय के निर्देश कई मंत्रालयों व विभागों को दिये। वित्त मंत्रालय के मुताबिक महंगाई में बढ़ोत्तरी के लिए पेट्रो उत्पादों के अलावा स्टील उत्पाद अहम हैं। वहीं 30 अनिवार्य वस्तुओं के दामों में गिरावट भी आई है। महंगाई दर का प्रभावित करने वाला तेल मूल्य अभी भी अंततराष्ट्रीय बाजार में लगभग 145 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। रिार्व बैंक के गर्वनर वाई.वी.रड्डी ने महंगाई पर चिंता व्यक्त करते हुये कहा है कि इस पर काबू पाना रिार्व बैंक की प्राथमिकता होगी। नये आंकड़ों के मुताबिक बीते 21 जून को समाप्त हुये सप्ताह के दौरान महंगाई दर बढ़कर 11.63 फीसदी पर पहुंच गई जबकि इससे पहले के सप्ताह के दौरान यह 11.42 फीसदी पर दर्ज की गई थी और साल भर पहले इसी समय यह सिर्फ 4.32 फीसदी पर थी। बुनियादी खाद्य उत्पादों के मूल्यों में 0.6 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। चाय के मूल्यों में 4 फीसदी, फलों, सब्जियों, मक्का, बाजरा, समुद्री मछली के मूल्यों में दो-दो फीसदी और उड़द, मूंग, मसालों और ज्वार के मूल्यों में एक-एक फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इसी के साथ गैर-रिफाइंड तेल के मूल्य 8 फीसदी, कॉटन सीड ऑयल, राइसब्रान ऑयल के मूल्यों में पांच-पांच फीसदी ऑयल केक का दाम तीन फीसदी और आयातित खाद्य तेल का दाम एक फीसदी बढ़ा है। वैसे आटे का मूल्य दो फीसदी कम हो गया है।ड्ढr वहीं गैरखाद्य उत्पादों के तहत टैनिंग मटेरियल के दाम चार फीसदी बढ़े हैं जबकि कपास और सरसों आदि के मूल्यों में एक-एक फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।ड्ढr

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