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शुभ मुहूर्त में कराइये डिलीवरी

लियुग में वेदों की ओर लौट रहा है आदमी। यह आश्चर्यजनक है, पर इसका संदर्भ दूसरा है। धर्म के व्यावहारिक स्वरूप का अक्षरश: पालन करनेवाले कलियुगी मानवों को पंडीाी की एक सलाह खूब भा रही है। शुभ मुहूर्त में डिलीवरी कराओ, भाग्यशाली संतान पाओ। शादी, कथा, लग्न और विदाई के लिए जिन पंडितों के पास पहले पतरा देखने की लाइन लगती थी, वहां अब बच्चे की डिलीवरी का मुहूर्त जानने की लालसा बढ़ गयी है। पंडितों का कारोबार मंदिरों की आस्था से ऊपर उठ कर कार के शोरूम और नर्सिंग होम तक जा पहुंचा है। मुहूर्त बतानेवाले पंडितों की चांदी हो रही है। अब वे बाकायदा शोरूम और नर्सिग होम के एक्सटेंशन काउंटरों के माध्यम से अपनी सलाह दे रहे हैं। लोग उनकी सलाह मान कर ऐसा कर भी रहे हैं।ड्ढr जमाना सिजेरियन का है, तो क्यों न पंडीाी का पतरा के अनुसार शुभ नक्षत्र में ही नये मेहमान का आगमन हो। लोग अब नर्सिग होम में डाक्टरों से डिलीवरी का नियत समय शुभ मुहूर्त के अनुरूप आगे-पीछे करने की गुजारिश भी करते देखे जा रहे हैं, पर कई बार मामला उलटा भी पड़ जाता है। डाक्टर भड़क जाते हैं, पर लोग हैं कि खुद बहाने गढ़ कर भी पंडीाी की हरी झंडी का इंतजार करते हैं। राजधानी के एक नर्सिग होम में ऐसे ही एक अभिभावक पर डॉक्टर साहिबा भड़क उठीं और कहा- जाइये, पंडीाी से ही डिलीवरी कराइये अपनी बीवी का।ड्ढr चैनलों पर लगातार चल रहे ज्योतिष और धर्म के कार्यक्रमों ने आम दर्शक के दिलों में ज्योतिष, धर्म, वास्तु और रत्नों के प्रति उत्सुकता जगा दी है। इस कारण भी अब शुभ मुहूर्त में भाग्यशाली संतान पाने की लालसा से डिलीवरी का समय आगे-पीछे कराने को प्रयासरत रहते हैं। सच भी है, जब सेटेलाइट की लांचिंग और जहाज का जलावतरण तक शुभ मुहूर्त और नारियल फोड़ कर होने लगा है, तो फिर संतान के लिए लोग ऐसा क्यों न करं। ं

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  • Web Title: शुभ मुहूर्त में कराइये डिलीवरी