DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राज्यपाल गवई की विदाई का मौका : केन्द्र के एकाधिकार पर उठे सवाल

राज्यपाल आर. एस. गवई की विदाई के मौके पर राज्यपालों की नियुक्ित में केन्द्र के एकाधिकार पर सवाल खड़े हो गये। शुक्रवार को खुद श्री गवई ने भी राजनीतिक दलों को विकास के लिए प्रयास करने की सलाह देकर कहा कि राज्यपाल अच्छा काम कर रहा हो तो उसे प्रोत्साहित करना चाहिए। वैसे तो महामहिम ने इशारों में ही यह जताया कि राज्यपाल सिर्फ केन्द्र का एजेंट नहीं होता लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ-साफ शब्दों में केन्द्र पर जन भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल की तैनाती में राज्यों से भी राय ली जानी चाहिए। श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में महामहिम के विदाई समारोह में लेडी गवर्नर डॉ. कमलाताई गवई के साथ मुख्यमंत्री भी अपने आंसू रोक नहीं पाए। मुख्यमंत्री ने बुद्धा स्मृति पार्क का उद्घाटन श्री गवई से ही कराने की घोषणा की।ड्ढr ड्ढr श्री गवई ने कहा कि राज्यपाल का दायित्व सरकार के साथ मधुर संबंध बनाना है। मैंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। दुख है कि बिहार में मेरा मिशन अधूरा रह गया। मैं तमाम समस्याओं का समाधान कर विदाई लेना चाहता था पर यह मेर हाथ में नहीं है। मुझे भगवान पर विश्वास है, बिहार फलेगा-फुलेगा और देश का समृद्ध राज्य बनेगा। मुझे खुशी है कि दो साल में ही बिहारी बन गया। अब जहां कहीं भी रहूं, ताउम्र बिहारी रहूंगा। उन्होंने कहा कि गत वर्ष विपक्ष ने विधानसभा का बहिष्कार किया तो मैंने उनके नेताओं से कहा कि जनभावना आपके खिलाफ है।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ हो या महाराष्ट्र में बिहारियों के खिलाफ आंदोलन, महामहिम हमेशा बिहारियों के साथ रहे। श्री गवई को रोकना मेर वश में नहीं है लेकिन हमें यह अधिकार मिलना चाहिए। श्री गवई तो बिहारियों के दिल में बस चुके हैं। राज्य और केन्द्र को एक-दूसर का सम्मान करना चाहिए। विधान परिषद के सभापति प्रो. अरुण कुमार, विधानसभाध्यक्ष उदयनारायण चौधरी और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए महामहिम के प्रयासों की जमकर सराहना की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: राज्यपाल गवई की विदाई का मौका : केन्द्र के एकाधिकार पर उठे सवाल