अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्राथमिक शिक्षकों ने दिया धरना

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी पांच सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को आर ब्लॉक पर धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि राज्य के 16 हाार मध्य विद्यालयों में मात्र 2800 प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। स्नातक शिक्षकों को सेवानिवृत होने से खाली हुए स्थानों को इंटर शिक्षकों से भरा जा रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़ा हो गया है। विधायक ने से मैट्रिक ट्रेंड वेतन मिल रहे शिक्षकों को केवल मैट्रिक वेतनमान देने और पूर्व के वेतन की रिकवरी के आदेश को वापस लेने की मांग राज्य सरकार से की।ड्ढr ड्ढr संघ के महासचिव महेंद्र प्रसाद शाही ने कहा कि मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के निकासी एवं व्ययन अधिकार समाप्त कर देने से शिक्षकों में भारी आक्रोश है। 12 जुलाई को राज्य के सभी मध्य एवं प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सरकार के शिक्षा और शिक्षक विरोधी निर्णय के खिलाफ काला बिल्ला लगाकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करेंगे। 28 जुलाई को मुख्यमंत्री और अंचल से लेकर राज्य स्तर के सभी पदाधिकारियों के समक्ष एक दिवसीय अनशन किया जायेगा। उसी दिन चौथे चरण के आंदोलन की घोषणा होगी। राज्य सरकार को लोक सेवा आयोग एवं अनुकंपाधारी उच्च योग्यताधारी अप्रशिक्षित शिक्षकों को एक जनवरी 1े प्रभाव से मैट्रिक प्रशिक्षित का वेतनमान तथा शारीरिक शिक्षकों को मैट्रिक प्रशिक्षित का वेतनमान स्वीकृत करना होगा।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि अगर सरकार 15 दिनों के अंदर मांगें नहीं मानती है तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में दिल्ली सरकार की तरह राज्य के प्राथमिक शिक्षकों को एसीपी का लाभ देना, गैर शिक्षकीय कार्यो से मुक्त करना व प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद का सृजन करना आदि शामिल है। धरना को अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा ने भी संबोधित किया। धरना में सैंकड़ों शिक्षक शामिल थे।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: प्राथमिक शिक्षकों ने दिया धरना