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सपा ने थामी डोर, वाम एक ओर

शुक्रवार का दिन कांग्रेस के लिए बड़ी राहत लेकर आया। सपा ने राष्ट्रहित का हवाला देते हुए एटमी डीम को खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी। उधर, अपनी स्थिति पर अटल वाम दलों ने स्पष्ट कर दिया कि करार पर सरकार के आगे बढ़ने की सूरत में अगर संसद में अविश्वास प्रस्ताव आता है, तो वह सरकार के खिलाफ वोट करंगे। वाम ने सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम भी दिया है। हालांकि कांग्रेस ने वाम दलों को समझाने की कोशिश में साफ किया कि संप्रभु सरकार ऐसी डेडलाइनों से नहीं चलतीं।राष्ट्रहित के नाम पर दिया समर्थननयी दिल्ली। समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और महासचिव अमर सिंह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सपा ने दावा किया है कि उसने राष्ट्रहित में एटमी करार का समर्थन करने का फैसला किया है।ड्ढr सपा ने संसद और संसद के बाहर पर सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ कांग्रेस से गठबंधन बनाकर चलने का फैसला किया है। सुबह प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद दोनों नेता सोनिया से मिले और बताया कि एटमी डील पर पार्टी कांग्रेस के साथ है। हालांकि मीडिया के कुछ कड़वे सवालों से दोनों नेताओं को दोचार होना पड़ा। उन्हें बार- बार सफाई देनी पड़ी कि डील के बदले कोई सौदेबाजी नहीं हुई। अमर सिंह ने कहा कि वक्त का तकाजा है कि हमें न्यूक्िलयर सप्लायर ग्रुप का सदस्य बन जाना चाहिए। यह करार देश हित में है। पूर्व राष्ट्रपति व परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कलाम द्वारा एटमी करार के पक्ष में दिए गए तर्को से सहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी ओर से डॉ. कलाम से गुरुवार शाम को हुई मुलाकात में सारी शंकाएं दूर हो गयी हैं। पर कांग्रेस का वाम से वैर नहींड्ढr नयी दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि वाम से उनकी 4 साल पुरानी दोस्ती का भले ही यह आखिरी वक्त हो, लेकिन रिश्ते इस तरह नहीं टूटेंगे कि जब कभी फिर दोस्ती हो तो शर्मिदा हों। कांग्रेस ने शुक्रवार को सपा की तारीफ करते हुए कहा कि उसने ‘राष्ट्रहित में एटमी डील का समर्थन करने का फैसला’ लिया। पार्टी ने साफ किया कि सपा और कांग्रेस की कोई ‘डील’ नहीं हुई है, यह भी कहा कि सपा ने सार्वजनिक तौर पर डील के समर्थन की बात कही है और कांग्रेस इसका स्वागत करती है। समर्थन वापसी को लेफ्ट बेचैन सरकार को आगामी सोमवार तक स्थिति साफ करने को कहा है। यदि सरकार ने 7 जुलाई तक जवाब नहीं दिया या वाम दलों को भ्रामक जवाब देने की कोशिश की, तो वे समर्थन वापसी पर 8 की बैठक में फैसला ले लेंगे।ड्ढr सरकार से अब रिश्तों की डोर को टूटा मान चुके वाम ने 14 जुलाई से महंगाई रोकने में सरकार की विफलता, एटमी करार व भाजपा द्वारा देश में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के विरोध में देशव्यापी अभियान चलाने का एलान कर दिया है। विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी को तीन दिन तक स्थिति साफ करने के अल्टिमेटम पर माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा महासचिव ए.बी.बर्धन, फारवर्ड ब्लाक महासचिव देबव्रत बिस्वास व आरएसपी महासचिव प्रो. टीो चंद्रचूड़न के हस्ताक्षर हैं। प्रकाश करात ने ऐलान कर दिया संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आता है तो वह सरकार के खिलाफ वोट करंगे।ं

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