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चेयरमैन थे नहींपर हो गई भर्ती

भर्ती बोर्ड के चेयरमैन न तो एक्ााम के दौरान परीक्षा केन्द्र पर थे, न फिÊिाकल टेस्ट के मैदान में और न ही उस हॉल मेंोहाँ इंटरव्यू हुए। फिर भी सैकड़ों सिपाहियों की भर्ती हो गई। यह गड़बड़ियाँ की थीं भर्ती घोटाले के आरोपित आईपीएस बीबी बख्शी ने। इसके सुबूतोुटाए हैं एंटी करप्शन ऑर्गनाक्षेशन (एसीओ) के घुटे-मंो विवेचकों ने। उन्होंने बख्शी की सरकारी कार की लॉगबुक के एक-एक पन्ने को छाना और यहोान लिया किोिस दिन इंटरव्यू थे..उस दिन वे गोरखपुर नहीं बल्कि लखनऊ में थे। भर्ती घोटाले की ऐसी सैकड़ों खामियों को इस एोंसी ने मय सुबूत पकड़ा है। यूपी का पुलिस भर्ती घोटाला साढ़े अट्ठारह हाारोवानों की भर्ती का है। इसमें डेढ़ सौ से अधिक अफसर फँसे हैं। इनमें 25 आईपीएस और बाकी पीपीएस हैं। अफसरों के बीच यह चर्चा है कि किस तरह एसीओ ने सिर्फ नौ महीने के भीतर इतनी बड़ीोाँच का यादातर काम पूरा कर लिया। हाईकोर्ट ने पाँचोून को दिए गए अपने एक आदेश में एसीओ कीोाँच को चौंकाने वाला माना है। कोर्ट ने सीबीआई से इसोाँच को पूरा करने को कहा है। अब सीबीआई अफसर भी यही कह रहे हैं कि वाकई इतने कम संसाधनों व समय में ौसीोाँच एसीओ ने की है, वह काबिले-तारीफ है। 18 भर्ती बोर्डो कीोाँच पूरी हो चुकी है।ड्ढr पर एंटी करप्शन के विवेचक हैं दुखी पेा 11ं

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