अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिखर गया यूएनपीए

भारत—अमेरिका परमाणु करार पर समाजवादी पार्टी और कांग्रस की दोस्ती क बाद यूएनपीए मं फूट पड़ गई है। इंडियन नशनल लाकदल क अध्यक्ष आमप्रकाश चौटाला न शनिवार को साफ तौर पर कहा कि यूएनपीए किसी भी कीमत पर करार का समर्थन नहीं करेगा। यदि मुलायम सिंह यादव डील का समर्थन करत हैं तो उनक लिए यूएनपीए मं काई जगह नहीं है। चौटाला न करार का राष्ट्रविराधी और सांप्रदायिक बतात हुए कहा कि परमाणु समझौता न ता दशहित मं है और न ही इसस भविष्य मं हमं काई लाभ हान वाला है।ड्ढr ड्ढr दूसरी ओर समाजवादी पार्टी क महासचिव अमर सिंह न स्पष्ट किया कि कंद्र सरकार का समर्थन दन क मामल मं किसी भी प्रकार की सौदबाजी नहीं की गई है। साथ ही सिंह न भाजपा नता लालकृष्ण आडवाणी का अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश स भी ज्यादा खतरनाक बताया। यूएनपीए क दूसर घटक दलों क तीख तवरों की परवाह न करत हुए सपा महासचिव न करार पर कांग्रस का साथ दन क रुख को जायज ठहराया और वाम दलों को नसीहत दी कि व भाजपा और बसपा क साथ मिलकर सरकार को गिरान का कोई कदम नहीं उठाएं। करार को मुस्लिम विरोध स जोड़न की कोशिश की निंदा करत हुए उन्होंन कहा कि यह न तो हिंदू डील है और न ही मुसलमान डील, यह राष्ट्रहित मं राष्ट्रीय डील है। अमर सिंह न एक बार फिर दाहराया कि करार स बड़ा खतरा सांप्रदायिकता है।ड्ढr ड्ढr उन्हांन कहा कि सांप्रदायिकता और अवसरवादी ताकतां स लड़न क लिए हम किसी भी विकल्प का अपनाएंग। कलाम भी करार क समर्थन मं हैं। करार पर सपा न दशहित मं समर्थन किया है। सिंह ने कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी के औपचारिक गठबंधन का संकेत देते हुए कहा कि अभी गठबंधन के बारे में हमारी कोई बातचीत नहीं चल रही है लेकिन सांप्रदायिक और जातिवादी ताकतों को हराने के लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। सपा नेता ने इस बात से इंकार किया कि करार के समर्थन के बदले में वह चिदम्बरम और मुरली देवड़ा को हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बिखर गया यूएनपीए