DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एमडी रडियोथेरपी डिग्री अमान्य

एमसीआई ने पीएमसी के कैंसर विभाग की कमर तोड़ दी। एमडी रेडियोथिरपी डिग्री को अंतत: मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की मान्यता नहीं मिली। साथ ही काउंसिल ने कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिया है कि सत्र 2008-0में नामांकन पर रोक लगा दिया जाए। इसके कारण यहां से कोर्स करनेवाले छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।एमसीआई द्वारा पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि काउंसिल की टीम द्वारा कॉलेज के एमडी रडियोथिरपी कोर्स का निरीक्षण जनवरी में किया गया।ड्ढr ड्ढr रिपोर्ट पर पोस्टग्रजुएट कमेटी द्वारा 14 अप्रैल 2008 को समीक्षा बैठक की गयी। जांच रिपोर्ट में कॉलेज के रडियोथिरपी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का एक पद रिक्त था। विभाग में कोई भी सीनियर रािडेंट नहीं था। शैक्षणिक संसाधन अपर्याप्त थे। विभाग में छात्रों को शिक्षण कार्य के लिए सिर्फ टेलीकोबाल्ट मशीन थी जबकि ब्रकीथेरपी मशीन स्थापित नहीं की गई थी। विभाग में कोई भी रडिएशन सेफ्टी ऑफिसर कार्यरत नहीं था। ऐसी परिस्थिति में पोस्टग्रजुएट कमेटी ने नामांकन पर रोक लगाने के साथ ही इस कोर्स को मान्यता देने से इंकार कर दिया। इधर कॉलेज में एमडी रडियोथिरपी विभाग में छात्रों का नामांकन काउंसिल के पत्र आने के पूर्व ही हो चुका है। इंचार्ज पीजी एडमिशन डा.राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि ऐसी स्थिति में इसे सत्र 2008 से लागू नहीं किया जा सकता। अगले सत्र में नामांकन के पूर्व कमियों को दूर कर लिया जाएगा। 35 वर्षो से बिना मान्यता के चल रहे एमडी रडियोथिरपी कोर्स के लिए प्रथम काउंसिलिंग बीसीईसी बोर्ड में 3 अप्रैल को हुई और उसके आधार पर दो छात्रों ने कॉलेज में नामांकन लिया। इसमें से एक छात्र ने कोर्स छोड़ दिया। इंचार्ज पीजी एडमिशन डा.राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि एमसीआई का पत्र कोर्स की काउंसिलिंग और नामांकन के बाद आया है। ऐसी स्थिति में इसे सत्र 2008 से लागू नहीं किया जा सकता। अगले सत्र में नामांकन के पूर्व कमियों को दूर कर लिया जाएगा।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: एमडी रडियोथेरपी डिग्री अमान्य