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तीन दिन बाद ही क्यों दिखा सिमकार्ड

बुधवार को नगर निगम सचिव मंजर आलम व उनकी पत्नी की हुई हत्या मामला सुलझने के बजाए धीर-धीर उलझता ही जा रहा है। घटना के चौथे दिन भी पुलिस अबतक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पायी है। शुक्रवार की दोपहर घर के अहाते में बने फूलों की क्यारियों से मृतक के गायब हुए मोबाइल के सिम और काटे गए ग्रिल के ताले का टुकड़ा एक ही जगह मिलने के मामले ने कुछ संकेत अवश्य कर दिए हैं।ड्ढr ड्ढr गौरतलब है कि हत्यारों ने मंजर आलम के कमर में प्रवेश करने के पूर्व बाहरी दरवाजे पर लगे जंजीर और ताले को काटा था। यह भी जाहिर है कि हत्यारों ने आलम दंपति की हत्या करने के बाद ही उनका मोबाइल लिया होगा। अब सवाल यह उठता है कि क्या हत्यार पहले ही से यह सोंच कर आए थे कि सिमकार्ड और ताले का कटा टुकड़ा फूलों की क्यारियों में एक ही जगह फेंकना है। अगर हत्यारों ने घटना के तुरंत बाद ही दोनों सामान को फूलों की क्यारियों में फेंका तो यह तीन दिन बाद क्यूं दिखा? मृतक के आवास के मुख्य दरवाजे से अंदर की ओर स्थित जहां पर यह क्यारियां बनी हैं उसपर अमूमन हर किसी की नजर जा सकती है। इसमें लगे पेड़-पौधों की जड़ें इतनी घनी नहीं हैं कि वहां फेंकी गई कोई वस्तु दिखाई नहीं दे। क्यारियां और वहां की मिट्टी इतनी साफ है कि वहां फेकी गई सूई भी दूर से ही दिखाई दे जाए। बुधवार की सुबह से ही घटनास्थल और इसके आसपास पुलिस के अधिकारियों ने सूत्र की खोज के लिए गंभीरता से छानबीन की।ड्ढr यहां तक कि घटना पर अफसोस जताने के लिए पहुंचने वाले इस परिवार के शुभचिंतकों की जमात भी इन्हीं क्यारियों के किनार लगाई गई कुर्सियों पर बैठती रही पर शुक्रवार के पूर्वाह्न्न तक किसी को भी वहां सिमकार्ड या ताले का टुकड़ा नहीं दिखा।ड्ढr ड्ढr दोपहर बाद अचानक वहां इन दोनों चीजों का मिलना अपने आप में एक सवाल खड़ा कर रहा है। उसपर भी मिट्टी में पड़े सिमकार्ड का बिल्कुल साफ होना भी एक तरह से यह बिल्कुल साफ कर रहा है कि हत्यारों या उनसे जुड़े किसी शख्स ने सबकी नजर बचाते हुए शुक्रवार को इन सामानों को वहां फेंक दिया है। अगर ऐसा नहीं होता तो इसमें कहीं दो राय नहीं तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के प्रभाव से या तो वह कार्ड मिट्टी में दब गया होता या कीचड़ से सना होता। बहरहाल हत्यारों या उससे जूड़े जिस शख्स की यह कारस्तानी है उससे यह साफ जाहिर हो गया है कि हत्यारों या उनकी मदद करने वालों में परिवार से जुड़ा कोई व्यक्ित अवश्य शामिल है। बहरहाल इस मामले में गहराई से हो रही छानबीन की लगातार मोनेटरिंग कर रहे एसएसपी अमित कुमार ने कहा कि इस मामले में अबतक एक दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है उन्होंने किसी गिरफ्तारी से इनकार किया है।

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