अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बंग समुदाय ने की विपत्तारिणी पूजा

आम तौर पर 13 अंक को दुर्भाग्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन शनिवार को विभिन्न मंदिरों में इसी नंबर का महत्व दिखा। बंग समुदाय के लोगों ने माता विपत्तारिणी की पूजा की। इसमें हर सामग्री की संख्या 13 थी। फल, फूल, मिठाई, भोग के लिए बनाये गये पकवान, दूब घास आदि सभी इतनी ही संख्या में थे। महिलाओं ने उपवास रह कर मंदिर में माता की पूजा अर्चना की और बाद में माता के आशीष स्वरूप फूल और दूब घास को लाल धागा से 13 बार कलाइयों पर बांधा। मान्यता है कि यह धागा व्यक्ित को हर दुघर्टना से बचाता है। देशप्रिय क्लब, हरिमती मंदिर, काली मंदिर एवं दुर्गाबाटी में सुबह से ही महिलाएं पूजा के लिए पहुंच गयी थीं। मंगलवार को भी विपत्तारिणी पूजा होगी।ड्ढr बाजार में रौनक : विपत्तारिणी पूजा को लेकर बाजार में रौनक थी। लोग 13 की संख्या में विभिन्न किस्म के फल, फूल मिठाई मांग कर रहे थे। लालपुर के कई पूजा स्टोर में इसकी तैयारी की गयी थी। दुकानों में 13 अलग-अलग किस्म की मिठाइयां 30-40 रुपये में मिल रही थीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बंग समुदाय ने की विपत्तारिणी पूजा