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राज्य में बंद खदानों के बहुआयामी उपयोग पर जोर

उप मुख्यमंत्री सुधीर महतो ने राज्य में बंद पड़ी खदानों के बहुआयामी उपयोग पर बल दिया है। अपने कक्ष में कोयला अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने कई निर्देश दिये। इसमें ऐसी खदानों को भरकर स्टेडियम बनाने, उसमें एकत्र पानी का सिंचाई के साथ अन्य उपयोग करने के अनुकूल बनाने का निर्देश दिया। इसीएल, बीसीसीएल एवं सीसीएल से दस दिन के अंदर चालू और बंद पड़ी खदानों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। शनिवार को प्रेस से बातचीत में उन्होंने यह जानकारी दी।ड्ढr महतो ने बताया कि गोवा में बंद खदानों का पुनरुद्धार कर स्टेडियम बनाया गया है। यहां भी दो माह में स्टेडियम निर्माण का काम शुरू हो जायेगा। पाकुड़ में बंद पड़ी प्रोजेक्ट में जमे पानी का उपयोग सिंचाई के लिए हो रहा है। कोयला अधिकारी 17 जुलाई को उसे जाकर देखेंगे। इसके बाद अपने-अपने क्षेत्रों में इसकी संभावना तलाशेंगे। कंपनियों के कमांड एरिया में विस्फोट से आसपास के घरों को होनेवाले नुकसान का ब्योरा मांगा गया है। इसमें यह भी बताने को कहा गया है कि ऐसे कितने प्रभावितों की प्रबंधन ने सहायता की। विस्थापित एवं पुनर्वासितों की सूची भी मांगी है।ड्ढr खदान के आसपास रहने वालों को दमा, टीबी, कैंसर जसी बीमारियां भी होती रहती है। इससे पीड़ितों की सूची, उपलब्ध कराये गये उपचार और मदद का ब्योरा एक माह में मांगा गया है। बैठक में वन सचिव केके खंडेलवाल, सीसीएल डीटी आरके साहा, डीपी टीके चांद, इसीएल, बीसीसीएल के अधिकारी मौजूद थे।

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