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अतिविश्वास के कारण हारे वर्ष 2004 में: आडवाणी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को कटनी में कहा कि वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में शायद अतिविश्वास के कारण पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकी थी। आडवाणी ने मध्यप्रदेश के कटनी में पार्टी की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग पांच वषर्ों के शासन के दौरान भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने आम जन के कल्याण के लिए बेहतर काम किए। इन कामों के आधार वर्ष 2004 के चुनाव में शायद यह अतिविश्वास हो गया था कि हम सत्ता में वापस अवश्य लौटेंगे और संभवत: यही अतिविश्वास हमारी पराजय का कारण बना। उन्हांेने वर्तमान लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताआें से पार्टी की जीत सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि राजग के दोबारा सत्ता आने पर आधे-अधूरे पड़े जनोपयोगी कायर्ों को फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने देश में अनेक स्थानों पर जल संकट की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व राजग सरकार की महत्वाकांक्षी नदी जोडो परियोजना पर अमल शुरू किया जाएगा। आडवाणी ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजग सरकार ने देश को तरक्की की राह पर लाकर खड़ा कर दिया था लेकिन उसके बाद कांग्रेस के नेतृत्व में आई संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने सभी जनकल्याणकारी योजनाआें पर अमल रोक दिया। उन्होंने लगभग 20 मिनट के भाषण में कहा कि देश में विकास योजनाआें के लिए धन की कमी नहीं है। भाजपा के नेतृत्व में फिर से सरकार बनने पर स्विस बैंक में जमा लगभग 25 लाख करोड़ रूपए वापस भारत लाया जाएगा। इसके अलावा देश का काला धन भी बाहर निकालने के लिए प्रयास होंगे ताकि देश के छह लाख गांवों के अलावा कस्बों और नगरों का बेहतर ढंग से विकास किया जा सके। आडवाणी ने दोहराया कि इक्कीसवीं सदी भारत की होगी और पूरे विश्व में उसकी धाक रहेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि राय की महत्वाकांक्षी लाडली लक्ष्मी योजना को पूरे देश में लागू किया जाएगा।

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