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पाक मीडिया : तालिबान के सरदर्द से राहत नहीं

अमेरिका की सोच में कोई बदलाव नहीं आया कि पाकिस्तान के फाता और स्वात के इलाके खतरनाक आतंकवाद का बेखौफ गढ़ बने हुए हैं। पिछले महीने अफगानिस्तान में तालिबानियों ने अमेरिका और नाटो की फौाों को बहुत ज्यादा जानी नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा कंधार की अत्यधिक चौकसी वाली जेल पर अलकायदा किस्म का आत्मघाती हमला कर कोई एक हाार खतरनाक कैदियों को छुड़वा लिया गया। अब ये लोग फिर अफगानियों की नाक में दम कर रहे हैं। जब भी मौका मिलता है अफगान तालिबानी भाग कर फाता के इलाकों में छुप जाते हैं और फिर एक और हमले की तैयारी में लग जाते हैं। पाकिस्तान के तहरीक-ए-तालिबान का अमीर बैयतुल्ला महसूद है, जो समझा जाता है कि हर बड़े हमले (पाकिस्तान के अंदर) और कुछ अफगानिस्तान का भी षडय़ंत्रकारी रहा है। यह ठिगने कद का इंसान किसी एक जगह पर नहीं रहता और न इसका कोई फोटो भी किसी के पास है। दोनों तरफ के तालिबान का निशाना एक ही है, ये हैं अमेरिका को अफगानिस्तान से निकालना और इस्लामी कानूनों को लागू करना। इसके अलावा ये लोग अलकायदा और बिन लादेन को सुरक्षित जगह प्रदान करते हैं। एक तरफ तो अपने इलाकों में आतंकवाद जारी रखे हुए हैं, दूसरी ओर सरकार से बातचीत भी। खबर एजेंसी के आतंकवादी संगठनों (ौसे मनगल बाना, हाजी नामदार के गुट) से तालिबानियों के नजदीक के रिश्ते हैं। ये संगठन गड़बड़ मचाते रहते हैं और लूटपाट करते हैं। इनके निशाने पर केवल सरकारी गाड़ियां और अफगानिस्तान को नाटो और अमेरिका का सामान भी शामिल है। अब खबर एजेंसी का बारा इलाका जो पेशावर के पास है, पर पाकिस्तान के नीम फौाियों का हमला जारी है। यह समाचार डॉन, दि न्यूज, जीओ टीवी और दूसर समाचार पत्रों ने दिया है। डॉन के मुताबिक आतंकवादी गिरफ्तार कर लिए गए और इनके कई ठिकाने नष्ट कर दिए। आतंकवादियों ने भी पाकिस्तान के नीम फौाियों के कोई 30 लोगों को पकड़ लिया और फिर छोड़ दिया। डॉन के मुताबिक असली खतरा तो बजीरिस्तान के बैयतुल्ला महसूद और स्वात के मौलवी फालउल्ला हैं। अगर आतंकवाद पर विजय पाना है तो यह कार्रवाई इन इलाकों से शुरू करनी होगी चाहे आखिर में जो भी हो। जब तक ये लोग विदेशी आतंकवादियों को सुरक्षित स्थान देते रहेंगे, हमारा देश झटके खाता रहेगा। डॉन ने कहा। उधर खुर्रम की कार्रवाई के चलते महसूद ने धमकी दी थी कि हम पंजाब और सिंध को जला देंगे। अब जीओ टीवी पर एक बयान में महसूद के बुलार हाजी मुस्लिम खान ने कहा कि हम सरकार से बातचीत जारी रखेंगे। सरकार को अपनी फौों हटानी चाहिएं और तालिबानियों को रिहा कर देना चाहिए। यह भी समाचार है कि पाकिस्तान के बाजोर स्काउटों पर राकेटों से हमला हुआ है, जिसमें कई सैनिक जख्मी हो गए। सरकार की बैयतुल्ला जसे आतंकवादियों से बातचीत पर अमेरिकी सरकार को कड़ी आपत्ति है। राष्ट्रपति मुशर्रफ पहले ही कह चुके हैं, उनका जाने का कोई इरादा नहीं और अगर उन पर दबाव डाला गया तो वह भी देख लेंगे। रिचर्ड बाउचर से बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह संविधान के मुताबिक कार्य कर रहे हैं और करते रहेंगे। उनके दरवाजे सबके लिए खुले हुए हैं। आज के हालात में वह किसी के लिए कोई मुश्किल पैदा नहीं करंगे। अब बाउचर के दौर से अमेरिकी सरकार ने सभी बड़े नेताओं को बता दिया है कि अमेरिका क्या चाहता है। इसी दौरान न्यूयार्क स्थित ह्यूमन राइट्स वाच के डायरक्टर कैनथ रास के बयानों पर बड़ी चर्चा हो रही है। डॉन के साथ एक भेंट में उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन बिल, जो विचाराधीन है, में पाकिस्तान की इंटेलीजेंस और फौा की एजेंसियों पर भी लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति मुशर्रफ को 3 नवम्बर 2007 की कार्रवाई से शायद माफ कर दिया जाए परंतु 1से अब तक का उनको हिसाब देना चाहिए तब तक माफी नहीं। डॉन ने अपने सम्पादकीय में इन विचारों से सहमति जताते हुए कहा है कि अब समय आ गया है कि आईएसआई पर लगाम लगानी चाहिए। यह जरूर मुश्किल है, पर अगर यह नहीं किया जाता तो यह संस्था गुप्त स्थानों से सभी प्रकार के अत्याचार करती रहेगी। यह अब सरकार के अंदर सरकार बन चुकी है और देश की रक्षा के नाम पर अपराध किए जाती है। हाारों लोग लापता हो जाते हैं और जेहादी गतिविधियां भी इससे होती हैं। इनकी जवाबदारी होनी चाहिए। जजों का मुद्दा ज्यों का त्यों बना हुआ है। नवाज शरीफ जुलाई के दूसर हफ्ते तक देखेंगे और अगर जज बहाल नहीं होते तो वह केन्द्र सरकार को छोड़ देंगे। अमेरिका के बोस्टन शहर से पत्रकारों से बातचीत करते हुए वकीलों के नेता एतजाज अहसन ने कहा कि हमारा अभियान अब और भी तेज कर दिया जाएगा।ड्ढr ड्ढr लेखक पाकिस्तानी मामलों के विशेषज्ञ हैं।

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