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कपड़ा निर्यात के लिए नए बाजारों की तलाश

यूपीए सरकार ने कपड़ा निर्यात बढ़ाने के लिए नई कवायद शुरू कर दी है। परंपरागत अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में मंदी का दौर और गहराने की आशंका को देखते हुये कपड़ा मंत्रालय ने नये बाजारों में निर्यात बढ़ाने की रणनीति तैयार की है। इनमें प्रमुख रूप से जापान, रूस और दक्षिण अफ्रीका जसे देश शामिल हैं। कपड़ा मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के दौरान नये बाजारों में निर्यात बढ़ाना जरूरी हो गया है, अन्यथा निर्यात लक्ष्य पिछले साल की तरह फिर से पूरा हो पाना मुश्किल हो जाएगा। जहां एक ओर परंपरागत अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में मंदी और गहराने की पूरी आशंका है, वहीं दूसरी ओर टेक्सटाइल के विश्व बाजार में भारत को चीन और बांग्लादेश से कड़ी टक्कर मिल रही है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुये नये बाजारों में निर्यात बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। जापान, रूस और दक्षिण अफ्रीका में कपड़ा निर्यातकों का प्रतिनिधि मंडल ोजने, वहां प्रदशर्नियों यानी ट्रेड फेयर में हिस्सेदारी आदि के लिए बड़े पैमाने पर बाजार विकास सहयता की जरूरत महसूस की जा रही है। इसलिए वाणिय मंत्रालय को पत्र ोजकर वित्तीय सहायता मांगी गई है। दरअसल नये बाजारों में निर्यात बढ़ाने की स्कीम वाणिय मंत्रालय ही संचालित कर रहा है। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने क पड़ा निर्यात का लक्ष्य 30 अरब डॉलर रखा था। ध्यान रहे कि बीते वित्त वर्ष के दौरान यह लक्ष्य 25 अरब डॉलर था जो पूरा ही नहीं हो सका। बीते साल कपड़ा निर्यात लगभग 23 अरब डॉलर के स्तर पर रहा था। इससे रोजगार में कमी आती है जबकि यूपीए ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम में कपड़ा क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने का वादा कर रखा है।

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