DA Image
17 फरवरी, 2020|9:22|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विश्वास मत से पहले इस्तीफा दे सकते हैं आजाद

गुलाम नबी आजाद को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को विश्वास मत हासिल करने में दिक्कत आई तो मुमकिन है कि वे वोटिंग से पहले ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें। उन्हें विश्वास मत में विजय के लिए 45 विधायकों का समर्थन चाहिए। कहा जा रहा है कि उन्हें तीन और विधायकों की तलाश है अपनी सरकार को बचाने के लिए। दरअसल नेशनल कांफ्रेस के अपने विधायकों को विधानसभा में विश्वास मत के खिलाफ मत देने के निर्देश देने के बाद यह स्थिति पैदा हुई है। उधर, राय के दो प्रमुख दलों के चोटी के नेता सात समंदर पार चले गए हैं। पीडीपी के शिखर नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद अमेरिका चले गए हैं और नेशनल कांफ्रेस नेता फारूकअब्दुल्ला लंदन के मौसम का आनंद ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इनकी गैर-मौजूदगी में इनकी पार्टियों की बागडोर इनके बच्चों के हाथों में है। मुफ्ती साहब की बेटी महबूबा मुफ्ती दिन-रात एक कर रही हैं ताकि उनके विधायक विश्वास मत के दौरान कांग्रेस के खिलाफ अपना मत दें। पीडीपी पहले ही अपने विधायकों को व्हीप भी जारी कर चुकी है। जाहिर है कि अब पीडीपी के असंतुष्ट विधायक भी कांग्रेस के साथ नहीं जा सकेंगे। ध्यान रहे कि राय का दल-बदल विरोधी कानून बहुत ही कठोर है। इधर पार्टी का नेता अपने विधायकों की विधान सभा सदस्यता रद्द कर सकता है, जबकि बाकी राय में विधानसभा के अध्यक्ष को ही यह अधिकार है। आजाद के लिए अब कांग्रेस के कुछ विधायकों का समर्थन हासिल करना भी मुश्किल लग रहा है। पहले माना जा रहा था कि आजाद नेशनल कांफ्रेस के नेताओं फारूक और उमर अब्दुल्ला के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों के चलते उनकी पार्टी के विधायकों का समर्थन अपने पक्ष में कर लेंगे। इस बीच, पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष भीम सिंह ने मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद पर आरोप लगाया कि उन्होंने जम्मू में रेपिड एक्शन फोर्स के सैकड़ों जवानों को बुला लिया है। वे इस तरह का हालात बना रहे हैं मानो कि स्थिति हाथ से निकल गई हो और राय पुलिस स्थिति को काबू न कर पा रही हो। ध्यान रहे कि पैंथर्स पार्टी ने विश्वास मत का विरोध करने का निश्चय किया है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: विश्वास मत से पहले इस्तीफा दे सकते हैं आजाद