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ंकिसानों की कर्ज माफी के खातों का आडिट होगा

प्रदेश में करीब 34 लाख किसानों के लगभग 6400 करोड़ रुपए की कृषि कर्ज की माफी के खातों का ऑडिट भी किया जाएगा। आडिट भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड करगा। यदि किसी ऋण दाता संस्था ने ऋण माफी में घपला किया है तो केंद्र सरकार ऐसी संस्था के मामले में उसकी किसी एक या अधिक शाखाओं में विशेष आडिट भी करा सकती है।ड्ढr केंद्र सरकार के निर्णय के तहत कर्ज माफी के मामलों में भारतीय रिजर्व बैंक प्रदेश के अनुसूचित 40 वाणियिक बैंकों की कई हजार शाखाओं के अलावा शहरी सहकारी बैंकों, लोकल एरिया बैंकों के मामले में नोडल एजेंसी है जबकि ‘नाबार्ड’ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहकारी ऋण संस्थाओं के मामले में नोडल एजेंसी है। कर्ज माफी स्कीम की आखिरी तारीख 30 जून थी। सभी ऋण देने वाले बैंकों की शाखाओं और संस्थाओं के सूचना पटों पर कर्ज माफी की सूचियाँ लग गई हैं। इन सूचियों में किसका कितना कर्ज माफ किया गया है, इसका उल्लेख किया गया है। अब ऋण दाता संस्थाएँ लघु और सीमांत किसानों को एक प्रमाणपत्र जारी करंगी कि ऋण माफ कर दिया गया है। प्रमाणपत्र में माफ किए कर्ज की राशि का स्पष्ट उल्लेख होगा। पाँच एकड़ से अधिक भूमि वाले जिन बड़े किसानों का वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के तहत राहत की मंजूरी दी गई है, उसे भी ऋण दाता संस्था प्रमाणपत्र जारी करगी। उसमें दी गई राहत राशि और किसान द्वारा अपने हिस्से के भुगतान की गई राशि का उल्लेख होगा।

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