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10 जुलाई तक समर्थन वापसी पर वाम दल सहमत

ॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव देवव्रत विश्वास ने सोमवार को कहा कि परमाणु मुद्दे पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से 10 जुलाई तक समर्थन वापस लेने के लिए चारों वाम दलों में सहमति बन चुकी है। विश्वास ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चारों वाम दलों ने अब केन्द्र सरकार को आगे समर्थन नहीं देने का फैसला किया है और हम दस जुलाई तक समर्थन वापस लेकर राष्ट्रपति के पास जाएंगे। अब इस बात को लेकर कोई भ्रम नहीं रह गया है कि सरकार असैन्य परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने जा रही है और इस संबंध में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी वाम दलों को जो जवाब देते हैं उसका कोई विशेष अर्थ नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि एक बार वाम दल समर्थन वापस ले लेते हैं तो संप्रग को सरकार में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे जनादेश के लिए चुनावों के वास्ते तैयार हो जाना चाहिए। उधर कोच्चि में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है कि संप्रग सरकार इस समझौते को लेकर किसी के दबाव में नहीं है और यदि वाम दल समर्थन वापस ले लेते हैं तो सरकार अपना बहुमत साबित करके दिखाएगी। उन्होंने कहा कि संप्रग और वाम दलों की पिछली बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि अगली बैठक में इस मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाई जाएगी, लेकिन सरकार को अंतिम समय सीमा देते समय वाम दलों ने धैर्य का परिचय नहीं दिया।

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