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पेट्रोलियम मंत्रालय ने सपाई विवाद से पल्ला झाड़ा

समाजवादी पार्टी के यूपीए सरकार के समर्थन के साथ ही पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राजनीतिक विवादों से बचने की जद्दोहद शुरू कर दी है। मंत्रालय ने सपा की ओर से उठाये गये विंडफाल टैक्स और रिलायंस रिफाइनरी को निर्यातमूलक इकाई का दर्जा देने संबंधी दोनों ही मसलों से पल्ला झाड़ लिया है। मंत्रालय के मुताबिक तकनीकी रूप से ये दोनों ही मसले इस मंत्रालय से संबंधित ही नहीं है। ध्यान रहे कि पिछले काफी दिनों से वित्त मंत्री पी.चिदंबरम के अलावा खुद पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा भी सपा आला कमान के निशाने पर रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दरअसल सपा की ओर से उठाये गये विंडफाल टैक्स और किसी भी रिफाइनरी को निर्यात मूलक इकाई का दर्जा देने से संबंधित मसले उससे संबंधित ही नहीं है। जहां तक निर्यात मूलक इकाई के दज्रे की बात है, वह वाणिज्य मंत्रालय से संबंधित है। वहीं विंडफाल टैक्स पूरी तरह से वित्त मंत्रालय के दायर में है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल उत्पादक कंपनियां ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को विशेष डिसकाउंट पहले से ही दे रही है। निजी क्षेत्र की ऐसी कंपनियां ऐसा नहीं कर रही हैं लेकिन उनके और पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच हुये करार में इस बात का उल्लेख नहीं है। इसलिए पेट्रोलियम मंत्रालय अपनी ओर से ऐसा कुछ नहीं कर सकता है। अलबत्ता, वित्त मंत्रालय चाहे तो सब्सिडी बोझ को हल्का करने के लिए सार्वजनिक तेल उत्पादक कंपनियों के डिसकाडंट की तर्ज पर निजी कंपनियों पर विंडफाल टैक्स को लागू करने पर विचार कर सकता है। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक विंडफाल टैक्स लगाने के पहले यह भी देखना होगा कि विंडफाल गेन यानी लाभ किसे हो रहा है। वास्तव में विंडफाल टैक्स अपस्ट्रीम यानी तेल उत्पादक कंपनियों पर तो कुछ हद तक संभव है क्योंकि कच्चे तेल का दाम आसमान छूने के साथ ही इन कंपनियों को विंडफाल गेन यानी अवांछित अथवा परंरागत उम्मीद से अलग लाभ हुआ है जबकि उत्पादन और निवेश का स्तर वहीं है। लेकिन डाउनस्ट्रीम यानी रिफाइनिंग सेक्टर का मामला अलग है। पहली बात तो यह कि रिफाइनिंग सेक्टर खुद कच्चे तेल की खरीद बढ़े हुये मूल्यों में ही करता है।दूसरी बात यह कि किसी भी समय कच्चे तेल अथवा डीाल के दाम नीचे आ सकते हैं। तीसरी बात यह कि रिफाइनरी किस ग्रेड का उत्पाद तैयार कर रही है और आगे उसकी कैसी योजना है, यह उसकी लाभप्रदता को निर्धारित करगी।

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