अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आईएसआई के सहयोग से हुआ हमला : अफगानिस्तान

ाबुल में भारतीय दूतावास पर आतंकी हमले में मार गए भारतीय राजनयिक वी.वेंकटेश्वर राव विदेश सेवा के दूसर अधिकारी हैं जो आतंकवाद का शिकार हुए हैं। इससे पहले 1में रवीन्द्र म्हात्रे की कश्मीरी आतंकवादियों ने ब्रिटेन में बिरमिंगघम में हत्या कर दी थी। इसी तरह ब्रिगेडियर आर.डी.मेहता भी विदेश में किसी भारतीय दूतावास में नियुक्त पहले सैन्य अताशी थे जिनकी आतंकवादी हमले में मौत हुई है। काबुल में भारतीय दूतावास अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय के बिल्कुल पास है। इस सुरक्षित राजनयिक क्षेत्र में तालिबान का हमला चिंता का कारण है। अफगान आंतरिक मंत्रालय ने इस हमले के पीछ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होना का संकेत दिया है। मंत्रालय ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम नहीं लिया लेकिन यह कहा है कि भारतीय दूतावास पर हमला क्षेत्रीय खुफिया सर्किल सहयोग और सलाह से किया गया। इस हमले को तालिबान ने अंजाम दिया बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दो आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से लदी कार में दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। परिसर में तैनात आईटीबीपी के जवानों ने उन्हें गेट में घुसने नहीं दिया। उसी समय वी.वेंकटेश्वर और ब्रिगेडियर मेहता एक कार में दूतावास पहुंचे। आतंकवादियों ने भारतीय दूतावास की कार को गेट में जाते देखा और अपने वाहन को कार से टकरा दिया जिससे हुए विस्फोट में दोनों भारतीय अधिकारी व अफगानी ड्राइवर तथा आईटीबीपी के दो जवानों की मौत हो गई। विस्फोट के समय वीजा लेने वाले अफगानी नागरिक कतार लगाए हुए थे। इनमें से भी कई लोगों की मौत हो गई। कुल 41 लोगों के मार जाने की खबर है। विस्फोट में दूतावास का वॉच टावर ध्वस्त हो गया और दीवार गिर गई। इससे पहले इसी वर्ष 12 अप्रैल को अफगानिस्तान में जरांज-देलारम राजमार्ग बना रहे भारतीय सीमा सड़क संगठन के कर्मचारियों पर आतंकवादी हमला किया गया था जिसमें बीआरओ के दो कर्मचारी एम.पी.सिंह और सी.गोविंदास्वामी मार गए थे। तालिबानी आतंकवादी 2003 से ही भारतीयों को अपना निशाना बना रहे हैं। जबुल में एक परियोजना पर काम कर रहे दो इंजीनियरों का 2003 में अपहरण किया लेकिन बाद में छोड़ दिया। उसी वर्ष अफगानिस्तान की एक टेलीकॉम कंपनी में काम करने वाले एक इंजीनियर की गोली मार कर हत्या कर दी गई। वर्ष 2005 में जरांज-देलारम राजमार्ग पर कार्यरत एक ड्राइवर एम.आर.कुट्टी का अपहरण कर हत्या की गई। इसके बाद 2006 में बहरीन की कंपनी में कार्यरत एक भारतीय इंजीनियर को मार दिया गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: विस्फोट में आईएसआई का हाथ: अफगानिस्तान