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नेताओं से क्यों मिल रहे हैं अमेरिकी राजदूत: येचुरी

ड्ढr अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत पीटर बर्ले की चुनाव के दौरान लगातार भारतीय राजनेताओं से मुलाकात से वाम दल बिफर गए हैं। अमेरिकी राजनयिक बुधवार को भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिले थे। इससे पहले वह तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष चन्द्रबाबू नायडू और प्रजा राज्यम पार्टी के नेता चिरांीवी से भी मिले। चर्चा है कि उन्होंने नायडू से संप्रग या राजग में से किसी एक को समर्थन देने की पैरवी की लेकिन तेदेपा ने इन खबरों का खंडन किया है। पार्टी के प्रवक्ता राममोहन राव ने एक चैनल को बताया कि मुलाकात के दौरान राजनीतिक पर नहीं बल्कि टेक्नोलोजी और बेराजगारी जसे मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी और भाकपा नेता डी.राजा ने भारतीय नेताओं से अमेरिकी दूत की मुलाकात और समर्थन के मुद्दे पर पैरवी करने को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षप बताया है। येचुरी का कहना है कि उन्होंने ‘सुना’ है कि नायडू ने अमेरिकी अधिकारी को झिड़क भी दिया। उधर, अमेरिकी दूतावास ने अपने चार्ज डी अफेयर्स की राजनेताओं से मुलाकात को सामान्य मुलाकात बताते हुए उन खबरों का खंडन किया कि अमेरिका भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप कर रहा है। समझा जाता है कि अमेरिका को आशंका है कि वामपंथियों के सत्ता में आने से दोनों देशों के बीच परमाणु संधि पर असर पड़ सकता है।

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