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शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता

राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद सिब्ते राी ने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते। शिक्षण का कार्य अनवरत चलता रहता है। राज्य के तीनों यूनिवर्सिटी यह सुनिश्चित करं कि रिटायरमेंट के साथ ही शिक्षकों और कर्मियों को सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान कर दिया जाये। इसमें जो कर्मचारी या अधिकारी शिथिलता बरतें, उनके खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रशासन कड़ी कार्रवाई कर। राी ने उक्त बातें सात जुलाई को राजभवन में रिटायर शिक्षकों, कर्मचारियों के सम्मान सह सेवानिवृत्ति भुगतान समारोह में कही।ड्ढr उन्होंने कहा कि हाइकोर्ट का निर्देश है कि सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान समय पर नहीं हुआ, तो आठ प्रतिशत ब्याज जोड़ कर देना होगा। इस संबंध में वह सरकार से भी बात करंगे। राजभवन का कैंप कार्यालय यूनिवर्सिटी में सेवानिवृत्ति भुगतान की देखरख करगा। शिक्षकों भविष्य में उन्हें परशानी नहीं हो, इसकी कोशिश हो रही है। मौके पर रांची यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो एए खान ने कहा कि सिस्टम में लचीलापन नहीं होने से परशानी होती है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी को पूरी स्वायत्तता मिलेगी, तब समस्याएं सुलझेंगी। इससे पहले अथितियों का स्वागत राज्यपाल के प्रधान सचिव अमित खर ने किया।ड्ढr मौके पर चांसलर ने तीनों यूनिवर्सिटी को 2शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ का वितरण किया। इस मद में कुल 74.5 लाख रुपये दिये गये। रांची यूनिवर्सिटी ने 58 लाख, विनोबा भावे यूनिवर्सिटी ने नौ लाख एवं सिद्धो-कान्हू मुमरू यूनिवर्सिटी ने सात लाख रुपये का भुगतान किया। इस अवसर पर सिदो-कान्हू यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ विक्टर तिग्गा, विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ एमपी सिंह, बीएयू के वीसी डॉ एनएन सिंह, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ एके श्रीवास्तव, डॉ एसके राय, डॉ जेएल उरांव, डॉ एलएन भगत, डॉ मंजू सिन्हा, डॉ अजीत सहाय आदि उपस्थित थे। सम्मानित होनेवाले शिक्षक-कर्मचारीड्ढr रांची। तीनों यूनिवर्सिटी के 2शिक्षक व कर्मचारियों को राज्यपाल सैयद सिब्ते राी ने सम्मानित करते हुए सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान किया। ये सभी जून 2008 में रिटायर हुए हैं। इनमें रांची यूनिवर्सिटी के 18, सिद्धो-कान्हू यूनिवर्सिटी के चार एवं विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के सात शिक्षक व कर्मचारी शामिल हैं। रांची यूनिवर्सिटी-डॉ ए शुक्ला, डॉ डीएस श्रीवास्तव, बी मिंज, डॉ संध्या सिन्हा, डॉ सरोबाला, एचसीपी शाह, एसएन चौबे, बी बांकिरा, डीके सिंह, केपी सिन्हा, आरके पाठक, आरपी गोला, एमएसजी शर्मा, आर चौधरी, ईश्वरी पीडी सिंह, आर प्रसाद, डॉ निरूपमा वर्मा, एसएन ठाकुर। सिदो-कान्हू मुमरू यूनिवर्सिटी-श्यामानंद मिश्र, केके प्रसाद साहा, डीपी यादव, पीएन चौबे। विनोबा भावे यूनिवर्सिटी-केपी शर्मा, आरबी सिंह, एस समराीत, वाणी बनर्जी, इंदू गुप्ता, सुमन सिंह एवं मो जफर।ड्ढr अधूर भुगतान से नाराजड्ढr राजभवन में आयोजित सेवानिवृत्ति लाभ भुगतान समारोह के दौरान कई शिक्षक और कर्मियों ने अधूर भुगतान की शिकायत की। रांची यूनिवर्सिटी के कुछ शिक्षक एवं कर्मचारियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें क्या दिया जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। पूर कागजात नहीं मिले हैं, जिससे उन्हें पता चले कि यह पेंशन है या ग्रेच्यूटी। उन्होंने कहा कि उनका सही लाभ पांच लाख से कम नहीं होगा, जबकि उन्हें डेढ़ से दो लाख रुपये के चेक ही मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में चांसलर को भी अंधेर में रखा गया है।

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