DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्रसव पीड़ा से घंटों तड़पती रही एचआईवी संक्रमित महिला

पीएमसीएच में भर्ती एक महिला सोमवार को प्रसव पीड़ा से घंटों तड़पती रही। भर्ती करने के बाद प्रसव के लिए न तो चिकित्सक और नहीं नर्से पहल कर रहीं थी। वेदना से छटपटा रही महिला का कसूर सिर्फ यह था कि वह एचआईवी से संक्रमित थी। अंतत: ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की नहीं बल्कि मीडिया की पहल व दबाव पर प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला का इलाज आरम्भ हुआ।ड्ढr ड्ढr पटना की अरुणा देवी (काल्पनिक नाम) एचआईवी से संक्रिमत होने के बाद पीएमसीएच पहुंची थी। उसे खून की कमी के कारण एक सप्ताह पहले अस्पताल के डा.जे.के.एल.दास के यूनिट में भर्ती कराया गया था। उसका ईआरएम नम्बर 16376 है। इलाज के दौरान ही उसे प्रसव पीड़ा का एहसास हुआ। इस परिस्थिति में डा.दास के यूनिट के चिकित्सकों द्वारा टाटा वार्ड से लेबर रूम में सोमवार को ट्रांसफर कर दिया गया। प्रसव वेदना झेल रही महिला को डॉक्टरों ने तो भर्ती तो कर लिया लेकिन किसी प्रकार की चिकित्सीय पहल नहीं कर रहे थे।ड्ढr ड्ढr घंटों बाद जब इस मामले की जानकारी मीडिया को मिली तो इस बाबत अस्पताल के उपाधीक्षक डा.आर.के.सिंह से जानकारी मांगी गयी। अंत में उन्होंने लेबर रूम के चिकित्सकों से बात की तब जाकर अरुणा देवी का इलाज आरम्भ हुआ। इधर पीएनपीप्लस के ज्ञानरंजन ने बताया कि ऐसी घटना प्राय: एचआईवी संक्रमित महिला को भुगतनी होती है। उन्होंने कहा कि अरुणा देवी का पहला बच्चा होनेवाला है। यहां पर एचआईवी संक्रमित माताओं को प्रसव के लिए जलालत झेलनी पड़ती है। पिछले शुक्रवार को भी ऐसी ही एक एचआईवी संक्रमित महिला को लेबर रूम में भर्ती कराने के लिए मीडिया की मदद लेनी पड़ी थी।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: प्रसव पीड़ा से घंटों तड़पती रही एचआईवी संक्रमित महिला