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अपहरण मामले में फरार अपराधी होटल से गिरफ्तार

ोतवाली थाने की पुलिस ने राजधानी स्थित एक निजी होटल में छापेमारी कर अपहरण मामले में फरार अपराधी अमरनाथ सिंह को दबोच लिया। उसपर दरभंगा के एक मारवाड़ी व्यवसायी के अपहरण करने का आरोप है। वर्ष 2004 में दरभंगा निवासी अमरनाथ ने दरभंगा से ही व्यवसायी का अपहरण किया था। पिछले चार वर्षों से दरभंगा तथा अन्य जिलों की पुलिस उसे शिकंो में लेने के लिए हाथ-पांव मार रही थी पर वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर राजधानी में अलग-अलग स्थानों में रहा करता था।ड्ढr ड्ढr लगभग एक सप्ताह पहले दरभंगा पुलिस को सूचना मिली थी कि अमरनाथ कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक निजी होटल में रह रहा है। कोतवाली थानध्यक्ष मुंद्रिका प्रसाद ने बताया कि पुलिस को रविवार को गुप्त सूचना मिली कि अमरनाथ फ्रेार रोड स्थित एक होटल में ठहरा हुआ है। उसके बाद पुलिस ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस को देखने के बाद अमरनाथ ने अपने को यह जाहिर नहीं होने दिया कि वह अपहरण के मामले में आरोपी है। पर पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली और उसे पकड़कर थाने लाया गया। उसे पकड़ने के बाद दरभंगा पुलिस को इसकी सूचना दी गई। फिर दरभंगा पुलिस उसे अपने साथ ले गई। गौरतलब है कि पीड़ित के परिानों ने अमरनाथ के विरुद्ध दरभंगा विश्वविद्यालय थाने में अपहरण की प्राथमिकी (28 2004) दर्ज करायी थी।ड्ढr ड्ढr जालसाज प्रधानाध्यापक जेल भेजा गयाड्ढr पटना (हि.प्र.)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में गलत ढंग से छात्रों को परीक्षा दिलाने वाले जालसाज प्रधानाध्यापक इन्दूभूषण प्रसाद सिंह को कोतवाली पुलिस ने सुपौल से गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। वह आठ वर्ष से फरार था। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के तत्कालीन सचिव हसन वारिस ने वर्ष 2000 में इन्दूभूषण के विरुद्ध कोतवाली थाने में जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज करायी थी। उस पर आरोप है कि वह छात्रों से मोटी रकम लेकर गलते ढंग से पहले पंजीयन कराता था उसके बाद परीक्षा में बैठाता था। हालांकि इस मामले में जालसाज प्रधानध्यापक के खिलाफ कुर्की जब्त करने का वारंट निकला हुआ था। इसी बीच कोतवाली पुलिस को पता चला कि खगड़िया का निवासी इन्दूभूषण सुपौल स्थित भागीरथ उच्च विद्यालय में प्रभारी प्रधानायापक के पर पदास्थापित है। थाने के दारोगा शिवानन्द सिंह तीन दिन पहले कुर्की का वारंट लेकर सुपौल पहुंचे। कुर्की का वारंट देखते ही प्रधानाध्यापक ने दारोगा के समक्ष अपने को सरंडर कर दिया। कोतवाली थानाध्यक्ष मुंद्रिका प्रसाद ने बताया कि सुपौल से लाने के बाद उससे सघन पूछताछ की गई तथा उसे जेल भेज दिया गया।

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