DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब कूपन के लिए मारा-मारी

अब कूपन के लिए लोग मारा-मारी कर रहे हैं। इतना ही नहीं ,कहीं बीडीओ साहब जान बचा कर भागे तो कहीं ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। कहीं गरीब मुसहर लोगों का नाम सूची से गायब हो गया और कहीं समृद्ध लोग कूपन पर काबिज हो गए। कहीं बीपीएल परिवारों की तादाद से अधिक आपत्तियां दर्ज हो गई हैं तो कहीं हंगामे के कारण कूपन का वितरण रोकना पड़ा। कहीं लोग अधिक और कूपन कम।ड्ढr ड्ढr रंगीन राशन - किरासन के कूपन ने ग्रामीण क्षेत्रों में नई हलचल प्ैादा कर दी है। गरीबी रखा से नीचे और ऊपर के लिए अलग-अलग कूपन हैं ,सो किसिम-किसिम की कथाएं हैं। अंत्योदय से अन्नपूर्णा तक की कूपन कथाओं के अपने-अपने दर्द हैं। पिछले माह भभुआ में राशन-किरासन कूपन वितरण के दौरान हंगामा हुआ। इसके खिलाफ सीवो गांव के लोगों ने भभुआ-भगवानपुर मुख्य पथ को घंटों जाम कर दिया। औरंगाबाद के देव में एपीएल- बीपीएल मुद्दे को लेकर खेत मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड कार्यालय पर जमकर बवाल मचाया। बाराचट्टी में राशन कूपन वितरण नहीं किए जाने को लेकर झाझ पंचायत के ग्रामीणों द्वारा प्रखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया।ड्ढr ड्ढr प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप को देखते हुए पंचायत सेवक एवं मुखिया पति मुख्यालय से भाग खड़े हुए। पालीगंज प्रखंड मुख्यालय में राशन -किरासन कूपन वितरण के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ।ड्ढr लाल और पीला कूपन बांटने को लेकर बात बढ़ी और सिकरियां पंचायत की मुखिया तथा राजस्व कर्मचारी उलझ गए। गोरौल में एपीएल एवं बीपीएल के सव्रेक्षण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत मिली है। इसकी शिकायत जिले के अधिकारियों से भी की गयी है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 करोड़ 13 लाख परिवार गरीबी रखा से नीचे हैं और आठ लाख परिवार शहरी क्षेत्रों में बसते हैं । केंद्र सरकार राज्य सरकार को जो खाद्यान्न मुहैया कराती है उसमें प्रति माह 75 हाार टन कम अनाज मिलता है। हालांकि शहरी क्षेत्रों का अभी सव्रेक्षण चल रहा है। गरीब लोगों की संख्या और राशन को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के बीच विवाद थमा नहीं है,लेकिन अब कई जिलों से सूची निर्माण में गड़बड़ी की सूचनाएं मिल रही हैं। शिकायतों को लेकर सव्रेक्षण का पुनरीक्षण भी हो रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: अब कूपन के लिए मारा-मारी