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ख्वाजा साहब के उर्स में दलाईलामा

बौद्ध धर्मगुरू दलाई लामा दो दिन की यात्रा पर मंगलवार को अजमेर पहुंचे। वह सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन के 7वें उर्स में शिरकत करने आए हैं। वह दरगाह दीवान सैयद जनुल आबेदीन के निमंत्रण पर ख्वाजा साहब के सालाना उर्स में शामिल होने आए हैँ। दलाई लामा के कार्यक्रम समन्वयक दीपक शर्मा के अनुसार वह एक चार्टर हवाई जहाज से मंगलवार दोपहर अजमेर पहुंचे। जहां सर्किट हाउस में दरगाह दीवान जनुल अबेदीन ने उनका स्वागत किया। कुछ देर सर्किट हाउस में विश्राम करने के बाद उन्होंने पुष्कर जाकर प्राचीन ब्रह्मा मन्दिर के दर्शन महंत लहरपुरी ने दलाई लामा को पूजा अर्चना करवाई। इसके बाद वह वापस अजमेर लौट आए। यहां आकर उन्होंने दरगाह दीवान, दरगाह के खादिमों के अलावा उनसे मिलने आए स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इस अवसर पर दलाई लामा ने कहा कि वह भारत की विविधता में एकता से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब की दरगाह आने का उनका कोई खास मकसद नहीं था, वह धार्मिक भावनाओं की वजह से यहां आए हैं। शर्मा के अनुसार दलाई लामा बुधवार तड़के तीन बजे ख्वाजा साहब की जियारत करेंगे और उनकी मजार पर चादर चढ़ाएंगे। इससे पहले वह मंगलवार की रात को दरगाह दीवान सैयद जनुल आबेदीन की ओर से आयोजित कव्वाली की महफिल में शिरकत करेंगे। शर्मा के अनुसार दरगाह दीवान ने कुछ अरसा पहले दिल्ली में एक सम्मेलन में मुलाकात के दौरान दलाई लामा को ख्वाजा साहब के उर्स में शामिल हाने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने कबूल कर लिया। दलाई लामा बुधवार दोपहर को वापस दिल्ली रवाना हो जाएंगे। यूं तो ख्वाजा साहब के दर पर हर धर्म के खास ओ आम मन्नत लेकर आते हैं। लेकिन यह पहला मौका है जब किसी धर्म के प्रमुख ख्वाजा साहब की जियारत करने आए हैं और वह भी उनके सालाना एर्स के मुबारक मौके पर।

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