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सरकार गिराने को भाजपा ने खोले घोड़े

भारतीय जनता पार्टी ने संप्रग सरकार को संसद में पटखनी देने के लिए हर तरह से जोड़तोड़ करने का फैसला किया है। इसका संकेत पार्टी के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू का यह बयान है कि राजनीति में अछूत कोई नहीं होता। पार्टी के पीएम इन वेटिंग लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि संप्रग सरकार अल्पमत में है और ऐसी स्थिति में उसे परमाणु करार की दिशा में एक कदम भी नहीं बढ़ना चाहिये। आडवाणी के निवास स्थान पर पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक में एनडीए के घटक दलों को इस मसले पर एकजुट रखने के लिये रणनीति बनाई गई। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेता बुधवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात कर यह अनुरोध कर सकते हैं कि वे सरकार को संसद का आपात सत्र तुरंत बुलाकर तुरन्त विश्वासमत हासिल करने के लिए कहें। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इन खबरों को महज अटकल करार दिया कि अकाली दल और शिवसेना परमाणु समझौते का समर्थन करेंगी। बाद में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक की जानकारी देते हुये पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, चूंकि मनमोहन सरकार अल्पमत में है इसलिए उसे परमाणु करार जैसी अंतरराष्ट्रीय संधि करने का कोई नैतिक और राजनीतिक अधिकार नहीं रह गया है। प्रसाद ने कहा कि वामदलों के 5सांसदों और पूर्व में बहुजन समाज पार्टी के भी समर्थन वापस लेने से मनमोहन सरकार अल्पमत में आ गई है और उसे पुरानी परम्परा निभाते हुए तुरन्त लोकसभा में आपात सत्र बुलाकर विश्वासमत हासिल करना चाहिए।

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