DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ढांचागत क्षेत्र की घटी वृद्धि दर चिंताजनक

यूपीए सरकार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के लिए देश के बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में निवेश के लिए भले ही 450 अरब रुपये के निवेश का लक्ष्य घोषित किया हो लेकिन ढांचागत उद्योग क्षेत्र की हालत लगातार चिंताजनक होती जा रही है। अप्रैल के मुकाबले बीते मई माह के दौरान ढांचागत उद्योग क्षेत्र की की वृद्धि दर थोड़ी और कम होकर महा 3.5 फीसदी के स्तर पर सिमट गई है। बीते वित्त वर्ष की समान अवधि से तुलना करं तो यह 7.8 फीसदी के मुकाबले आधे से भी कम स्तर पर रह गई है। इसके लिए प्रमुख रूप से बिजली, पेट्रोलियम रिफाइनिंग, सीमेंट और स्टील क्षेत्र जिम्मेदार हैं। इसी के साथ चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों यानी अप्रैल और मई माह के दौरान भी ढांचागत क्षेत्र की वृद्धि दर 6.ीसदी के मुकाबले घटकर सिर्फ 3.5 फीसदी पर रह गई है। उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक मई माह के दौरान सर्वाधिक चिंताजनक हालत पेट्रोलियम और बिजली क्षेत्र की उभर कर सामने आई है। आसमान छूती तेल कीमतों के समय पेट्रोलियम रिफाइनिंग क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर 14.ीसदी से घटकर चिंताजनक रूप से सिर्फ 0.1 फीसदी पर सिमट गई है। अलबत्ता, कच्चे तेल का उत्पादन थोड़ा सुधरकर 3.2 फीसदी पर पहुंच गया है। वहीं बिजली क्षेत्र की हालत यह है कि इसकी वृद्धि दरीसदी से घटकर महा दो फीसदी रह गई है। इससे आप अगले कुछ महीनों के दौरान बिजली आपूर्ति के बार में भी सहा अंदाजा लगा सकते हैं। महंगाई और बढ़ती ब्याज दरों के चलते रीयल एस्टेट क्षेत्र में आई मंदी का असर सीमेंट और स्टील क्षेत्रों पर पड़ा है। सीमेंट उद्योग की उत्पादन दर भीीसदी से घटकर आधे से भी कम यानी 3.8 फीसदी पर रह गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ढांचागत क्षेत्र की घटी वृद्धि दर चिंताजनक