DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पलामू में अन्नपूर्णा स्कीम में 383 क्िवंटल चावल का घोटाला

पलामू जिले में अन्नपूर्णा योजना में 383 क्िवंटल चावल का घोटाला किया गया है। इस कारनामें में जिले के उच्च अधिकारी से लेकर हलका कर्मचारी तक शामिल हैं। यह जानकारी सीबीआइ ने 16 अप्रैल को हाइकोर्ट को दी। कोर्ट ने इस मामले की जांच कर सीबीआइ को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट के अवलोकन के बाद कोर्ट ने सीबीआइ को रिपोर्ट की प्रति सरकार को देने और सरकार को यह बताने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी है।ड्ढr इस संबंध में रामदेव महतो ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि पलामू जिले के कई प्रखंडों में अंत्योदय और अन्नपूर्णा योजना के तहत खाद्यान्न वितरण में घोटाला किया गया है। लाभुकों के बीच खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया है। मृत व्यक्ितयों के नाम भी अनाज वितरण दिखाया गया है। सीबीआइ की ओर से बताया गया कि मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की गयी है। प्रतीत होता है कि घोटाले में अंचलाधिकारी, हलका कर्मचारी, एसडीओ और अन्य उच्च अधिकारियों की मिलीभगत है। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि चार मई तय करते हुए सरकार को सीबीआइ रिपोर्ट का जवाब देने का निर्देश दिया। सीबीआइ की ओर से वकील राजेश कुमार और प्रार्थी की ओर से एके साहनी ने बहस की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पलामू में अन्नपूर्णा स्कीम में 383 क्िवंटल चावल का घोटाला