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चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी के मिले सबूत

चांद पर पानी की मौजूदगी महज एक विज्ञान गल्प नहीं बल्कि हकीकत साबित हुई है। वैज्ञानिकों को यहां कभी पानी होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। वर्ष 1में चांद पर भेजे गए अपोलो 15 अभियान के दौरान इकठ्ठा किए गए पत्थरों मे मौजूद एक खास किस्म के शीशे के गहन परीक्षण से यह बात सामने आई है कि यह शीशा जिस सुषुप्त वालामुखी की चट्टान से हासिल किया गया उसमें कभी पानी के अंश मौजूद थे। रोड द्वीप स्थित ब्राउन विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताआें के दल के ताजा शोध के मुताबिक आज से लगभग तीन अरब 60 करोड़ वर्ष पूर्व जब चंद्रमा की सतह पर वालामुखियांे का विस्फोट हुआ था उस समय पानी से युक्त ये चट्टानें बनी थीं। अनुसंधान दल के अलबटर्ो साल ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वैज्ञानिक चांद में पानी होने के सबूत तलाश रहे हैं लेकिन उन्हें कुछ हाथ नहीं लगा पर हमारी इस खोज ने यह साबित कर दिखाया कि वहां कभी पानी था। यह खोज रिपोर्ट सांइस पत्रिका नेचर में गुरुवार को प्रकाशित की गई। इस खोज ने आज तक प्रचलित उस धारणा को गलत साबित कर दिया जिसके मुताबिक मंगल के आकार के एक बड़े ग्रह के पृथ्वी से टकराने की वजह से चंद्रमा की उत्पत्ति की बात कही जाती रही।

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