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स्पीकर के लिए रामजी लाल की चर्चा

सपा के समर्थन के साथ ही सरकार में उसके बढ़ते दखल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। ताजा चर्चा स्पीकर पद को लेकर है। कहा जा रहा है कि यदि लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी इस्तीफा देते हैं तो सपा के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन को यह कुर्सी सौंपी जा सकती है। सुमन फिरोजाबाद से पार्टी के एमपी हैं। लेकिन सपा महासचिव अमर सिंह का आधिकारिक बयान आया है कि वे चाहते हैं कि सोमनाथ चटर्जी अपने पद पर बने रहें। इसमें कोई दो राय नहीं कि सरकार की संकट मोचक बनी सपा की भूमिका केंद्र सरकार में बेहद महत्वपूर्ण हो चली है। इसी के चलते यह बातें चली हैं कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में मायावती के खिलाफ सीबीआई चार्जशीट प्रस्तुत किए जाने और सीबीआई के निदेशक तक के चयन में सपा का दखल हो सकता है। पहले कहा गया था कि सपा ने महंगाई के लिए जिम्मेदार वित्त मंत्री चिदंबरम और पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा को हटाने की शर्त रखी थी। लेकिन सपा की तरफ से इन सब बातों को खारिज किया है। अलबत्ता अमर सिंह ने सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि महंगाई पर नियंत्रण के उपाय होने चाहिए। दूसरे, विंडफॉल टैक्स लगाने जाने को लेकर भी सपा अपनी राय जता चुकी है। सपा नेता अमर सिंह कहते हैं कि डील को समर्थन देने के बदले सरकार से पार्टी ने कोई डील नहीं की है। न ही वे केंद्र की एजेंसियों के जरिये राय सरकार पर दबाव बनाने के पक्ष में हैं। सपा दबाव की राजनीति नहीं करना चाहती है क्योंकि एनडीए के शासन में वह इसके भुक्तभोगी रह चुके हैं। इस बीच सिंह ने आज फिर दावा किया कि उनके 3में से कम से कम 37 सांसदों के वोट सरकार के पक्ष में पड़ेंगे।

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