DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

देश का मार्गदर्शन करेगा बिहार: नीतीश

बिहार गौरवशाली इतिहास को दोहरा रहा है। यह सूबा देश का मार्गदर्शन करगा। कंप्यूटर पर काम करने वाले भी खेतों में उतर चुके हैं। यही परिवर्तन कृषि क्रांति की शुरुआत है। अब यहां सिर्फ दौलत पैदा होगी और गरीब बिहार समृद्ध राज्यों की श्रेणी में होगा, तब बिहारी कहलाना शान की बात होगी। जिनको यह सब नहीं दिख रहा है। उनकी चिंता न करं, कुछ ही माह में उनकी बोलती भी बंद होने वाली है।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में विशेष मछुआरा दिवस पर मछुआरों को संबोधित करते हुए ये बातें कही। अध्यक्षता पशुपालन मंत्री राम नारायण मंडल कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार बाढ़ की त्रासदी झेलने के बावजूद हम देश के विकास में योगदान देने की स्थिति में हैं। दृढ संकल्प का ही नतीजा है कि घेाटालों के लिए चर्चित पशुपालन विभाग भी मछुआरों की आमदनी बढ़ाने में जुटा है। चार वर्ष में राज्य का उत्पादन जब दोगुना होगा तो किसानों के घर लक्ष्मी का भंडार होगा और राज्य की आमदनी भी दोगुनी हो जायेगी। कहीं नीली क्रांति की बात होती है तो कोई श्वेत क्रांति की चर्चा करता है।ड्ढr ड्ढr लेकिन हमने सप्तरंगी क्रांति का सपना देखा है। राज्य के किसान उस सपने को पूरा करने में पूर मन से जुट गये हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन का मूल मंत्र है बीज। सरकार ने किसानों के बीच उन्नत बीज का वितरण शुरू किया है।ड्ढr धान से इसकी शुरूआत हुई, मछली के बीज का वितरण हो रहा है और रबी की तैयारी में जुट गये हैं। प्रसंस्करण और विपणन के लिए भी सरकार सजग है। इसके लिए सहकारी समितियों को मजबूत किया जा रहा है। एक बार समितियों का निष्पक्ष चुनाव हो जायेगा तब गाड़ी पटरी पर आ जायेगी। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के अलावा कृषि मंत्री नागमणि, सहकारिता मंत्री गिरिराज सिंह, खनन मंत्री रामचंद्र सहनी और सांसद महेन्द्र सहनी ने भी संबोधित किया।ड्ढr ड्ढr बीमार होने के बाद भी नीतीश पहुंचेड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। कृषि विकास सचमुच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। विशेष मछुआरा दिवस समारोह में इस बात की चर्चा तब होने लगी जब बीमार होने के बावजूद मुख्यमंत्री मंच पर पहुंच गये। वे दो पिछले दिनों से वाइरल से पीड़ित हैं। हालांकि उनके स्तर से कभी मनाही नहीं हुई बावजूद कल तक इस कार्यक्रम में उनके शरीक होने को लेकर आशंका थी। दो दिनों में बीमारी के कारण कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के रद्द हो जाने पर यह आशंका और बलवती हो गई। लेकिन गुरुवार को जब सूचना मिली कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में भाग लेंगे तब लोगों को सुकून मिला। ऐसा नहीं है कि मुख्यमंत्री ही केवल कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे, वहां उपस्थित मछुआर भी उसी बेसब्री से उनका इन्तजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री के आने के पूर्व ही जब मंत्रियों का भाषण शुरू हो गया तब मछुआरों में फुसफुसाहट शुरू हो गई। उप मुख्यमंत्री के भाषण के पूर्व जब मुख्यमंत्री मंच पर आये तो तालियों की गड़गड़ाहट श्रोताओं के उत्साह को बताने के लिए काफी थी। मुख्यमंत्री ने बीमारी का हवाला देते हुए देरी के लिए क्षमा भी मांगी। अब बारी थी अगली पंक्ित में उदास बैठे लोगों की । सबने कहना शुरू किया सचमुच कृषि विकास सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: देश का मार्गदर्शन करेगा बिहार: नीतीश