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प्रशासन का सिरदर्द बना कूपन वितरण

राशन-किरासन कपून का वितरण प्रशासन के लिए सरदर्द बन गया है। प्रकाशित बीपीएल व एपीएल सूची में इतनी गड़बड़ी है कि कूपन बांटने पहुंचे अधिकारियों की फाीहत हो रही है। सूची में बड़ी संख्या में गरीबों के नाम छूटे हुए हैं और अमीरों ने अपने नाम जुड़वा लिए हैं। इस कारण कही अधिकारी पीटे जा रहे हैं तो कहीं उन्हें लोगों के आक्रोश से बचकर भागना पड़ता है। हालांकि लाख फाीहत के बावजूद प्रशासन अभी तक 41 प्रतिशत कूपन बांट चुका है। वितरण के दौरान काको प्रखंड के खालिसपुर पिजौरा, डेढ़सैया, सैदाबाद, अमथुआ पंचायत में हंगामा हुआ जिसके कारण वितरण कार्य स्थगित कर देना पड़ा।ड्ढr ड्ढr वहीं ओकरी में मोदनगंज प्रखंड के कल्याण पदाधिकारी की जमकर पिटाई की गई। वहीं मखदुमपुर प्रखंड के बीडीओ को भैक पंचायत में कूपन वितरण के दौरान हुए हंगामे से जान बचाकर भागना पड़ा। वहां भी एक शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है। करपी प्रखंड के रोहाई बख्तारी पंचायत के सचिव चन्द्रदेव शर्मा की कूपन वितरण में की गई गड़बड़ी के कारण ग्रामीणों ने जमकर धुनाई की और दूसर दिन ग्रामीणों ने एन. एच. -110 को घंटों जाम रखा। जिला प्रशासन द्वारा बीपीएल और एपीएल सव्रेक्षण सूची अनुबंध पर कार्यरत शिक्षक और पंचायत सेवक ने तैयार किया जिसमें पक्का मकान और दो पहिया वाहन वालों को बीपीएल में रखा गया और जिसके घर और मकान नहीं हैं। उसको एपीएल और बीपीएल दोनों से वंचित कर दिया गया। करपी प्रखंड के किांर में सहवान मिंया जो पेड़ के छांव में मशीन रखकर कपड़ा सिलाई कर परिवार को भरण पोषण चलाता है। उसका न एपीएल में नाम है और न बीपीएल में । वहीं किांर के कई समृद्ध लोगों के नाम एपीएल और बीपीएल दोनों में हैं।

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