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श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन

विवेकी बनें : विष्णुपुरीाीरांची। विवेकी बनें। विवेक छूटने पर व्यक्ित पाप करने लगता है। वह शास्त्र का अनुशरण नहीं करता। उक्त बातें महामंडलेश्वर विष्णुपुरीाी ने कहीं। दुर्गाबाड़ी में इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। कथा के तीसर दिन गुरुवार को विष्णुपुरीाी ने कंस द्वारा देवकी के पुत्रों की वध किये जाने की घटना पर चर्चा करते हुए अपनी बातों को और भी स्पष्ट किया। साथ ही बताया कि परमात्मा ही परम सत्य है। वह तीनों काल में समान रहता है। महामंडलेश्वर जी ने श्रीकृष्ण कथा को मधुर बताते हुए कहा कि कन्हैया जिसके अंदर एक बार बस जाते हैं, फिर निकलते नहीं, लेकिन हम उन्हें छोड़ देते हैं। उन्होंने प्रभु की कथा को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि इसी से जीवन सफल होगा। डॉ एचपी नारायण सहित बड़ी संख्या में कथाप्रेमियों ने शाम साढ़े सात से रात पौने नौ बजे तक कथा श्रवण किया। यह आयोजन दुर्गाबाड़ी की ओर से वैशाखी के अवसर पर आयोजित किया गया है। कथा का समापन 15 मई को होगा।

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  • Web Title: श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन