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हड़ताल खत्म होते ही प्राचार्यो का तबादलां

विवि कर्मियों की हड़ताल खत्म होने के बाद 5 साल की सेवावधि पूरा कर चुके कालेजों के प्राचार्य हटेंगे। दूसरी तरफ तिलकामांझी भागलपुर विवि के 160 शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की बहाली को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत नहीं मानते हुए उनके वेतन पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही मगध विवि के 28 कर्मियों की प्रोन्नति अवैध मानते हुए रद्द कर दी गई है। ये निर्णय शुक्रवार को अपर आयुक्त सह सचिव संजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में मानव संसाधन विकास विभाग में हुई विभिन्न विवि के कुलसचिवों और वित्त पदाधिकारियों की बैठक में लिए गए।ड्ढr ड्ढr तय हुआ कि विवि कर्मियों की हड़ताल जैसे ही खत्म होगी विभाग वर्षो से एक ही कालेज में जमे प्राचार्यो के तबादले की प्रक्रिया शुरू करेगा। विधान मंडल में इस बार में पारित संशोधन विधेयक के तहत विभाग ने सभी विवि को अपने-अपने यहां के वैसे प्राचार्यो की सूची विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है जिन्होंने एक जगह पर 5 साल की सेवावधि पूरी कर ली है। बैठक में उप निदेशक (उच्च शिक्षा) सुनील कुमार, मुस्तफा हुसैन मंसूरी, रुबी शरण और दीपक कुमार सिंह ने भी भाग लिया। इस बैठक पर विवि कर्मियों की हड़ताल की भी छाया रही और रजिस्ट्रार कई गंभीर मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाने का बहाना बनाकर बच निकले। अपर आयुक्त ने विश्वविद्यालयों द्वारा अद्यतन वित्तीय अंकेक्षण रिपोर्ट पेश नहीं करने के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि महालेखाकार की आपत्तियों के मद्देनजर सभी विवि हफ्ते भर के भीतर इस बाबत अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश कर दें।ं

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