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घड़ी लेने के लिए अड़ा आठ साल का दूल्हा!

प्रशासन की नाक के नीचे उड़ रही है बाल विवाह अधिनियम की धज्जियां। कहने को पदाधिकारी तैनात हैं-पर उन्हें दाम्पत्य बंधन में बंध रहे बाल जोड़े दिखते नहीं हैं। यही हाल रहा शुक्रवार को नगर के सुप्रसिद्ध शोभिया मंदिर परिसर का, जहां लगभग 30 बाल जोड़ों की शादी रचाई गई।ड्ढr ड्ढr शुक्रवार को सिरदला थाना के तारण गांव से आया 8 वर्ष का गोरलाल दुल्हा क्या बना अपनी पूरी तेवर ही दिखा दिया। अकबरपुर के पसिया गांव से आई 6 वर्षीय गौरी की मांग उसने तब तक न भरी, जब तक लड़की के बाप ने दहेज में घड़ी न दे दी। इससे भी कम उम्र की लगभग 5 साल की चंचला और 6 साल का जनता कुमार हजारों की भीड़ में सात फेर लिए। दोनों जोड़े क्रमश: अकबरपुर और रजौली के से आए थे। यह तो सिर्फ बानगी है, यहां तो दर्जनों की संख्या में ऐसे ही बाल-ाोड़ों ने शादी रचाई। पूछे जाने पर एसडीएम हाशिम खां ने बताया कि उक्त स्थल पर सदर एसडीपीओ की तैनाती सुरक्षा बलों के साथ लगाई गई थी। बावजूद इन नन्हें जोड़ों ने आराम से सुरक्षा चक्र को बेधते हुए अपनी दुल्हिनयां साथ लेते गए।

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  • Web Title: घड़ी लेने के लिए अड़ा आठ साल का दूल्हा!