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कनिष्क कांड : रैयत को 14 शर्तो के साथ मिली जमानतं

एयर इंडिया के कनिष्क विमान को उड़ाने के सिलसिले में बीस वर्ष की सजा काट चुके इंद्रजीत सिंह रैयत को ब्रिटिश कोलंबिया की अदालत ने गुरुवार को 14 शर्तो के साथ रिहा किया। जनवरी में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने तक 55 वर्षीय रैयत सुर्रे स्थित अपने घर में पत्नी और चार बच्चों के साथ नजरबंद रहेगा। न्यायाधीश ने कहा कि इस दौरान वह तभी घर से बाहर निकलेगा, जब उसे अपने जमानत निरीक्षक से मिलना हो, चिकित्सीय सहायता लेनी हो या फिर गुरूद्वारे जाना हो। इसके अलावा वह किसी भी तरह के हथियार या विस्फोटक नहीं रख सकेगा और पुलिस कभी भी अपने प्रशिक्षित कुत्तों के साथ उसके घर की तलाशी ले सकेगी। रैयत को 23 जून 1में एयर इंडिया के विमान में हुए विस्फोट का दोषी करार देते हुए 2003 में पांच साल की सजा सुनाई गई थी। उस हादसे में 32लोग मारे गए थे। इसके पहले वह टोक्यो के हवाई अड्डे पर उसी दिन किए गए एक धमाके के लिए 10 साल की सजा काट चुका था। रैयत 2003 में रिपुदमन सिंह मलिक और अजीब सिंह बागरी की पेशी के समय सरकारी गवाह बन गए थे। इन दोनों को बाद में बरी कर दिया गया। रैयत को अदालत में झूठ बोलने के आरोप में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और दोषी साबित होने पर उसे 14 साल की सजा और सुनाई जा सकती है। गौरतलब है कि विमान को उड़ाने की साजिश वेंकूवर से गतिविधियां चलाने वाले आतंकवादी समूह बब्बर खालसा द्वारा 1में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पर किए गए सैन्य अभियान के विरोध में रची गई थी।ं

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  • Web Title: कनिष्क कांड: रैयत को 14 शर्तो के साथ जमानतं