अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अवमानना मामले में तीन माकपा नेताआें को सम्मन

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में हुई हिंसा के मामले में अदालत के फैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर कोलकाता उच्च न्यायालय ने माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन नेताआें के खिलाफ सम्मन जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश सुरिंदर सिंह निजर की अगुवाई वाली दो सदस्ईय खंडपीठ ने माकपा नेताआें श्यामल चक्रवर्ती, बिमान बोस और विनय कुमार के खिलाफ शुक्रवार को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया। न्यायालय इन तीनों के जवाब से असंतुष्ट था। इन नेताआें ने गत वर्ष 17 नवंबर को इस मामले में अदालत के फैसले को तर्कसंगत नहीं बताते हुए कहा था कि न्यायाधीश देश में लोकतंत्र की रक्षा का दायित्व पूरा कर पाएं इसके लिए सरकार को उनकी तनख्वाह बढ़ा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले से यह संकेत गया है कि लोकतंत्र में लोगों की कोई भूमिका नहीं है और केवल न्यायाधीश ही लोकतंत्र के रक्षक हैं। कोलकता उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन तथा तीन अन्य ने इन नेताआें की इन टिप्पणियों को न्यायालय में चुनौती दी थी। नेताआें की आेर से वकील विकास रंजन भट्टाचार्य और एसोएिशन की आेर से शक्ितनाथ मुखर्जी ने जिरह में भाग लिया। उल्लेखनीय है कि पूर्वी मिदनापुर जिले में नंदीग्राम में विशेष आर्थिक क्षेत्र के वास्ते भूमि अधिग्रहण के विरोध पर पुलिस ने कार्रवाई की थी जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: अवमानना मामले में तीन माकपा नेताआें को सम्मन