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बिहार में वोटिंग सिर्फ 46 फीसदी

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को सूबे की 13 समेत देशभर की 124 सीटों के लिए 1715 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में कैद हो गई। देश भर में लगभग 60 फीसदी मतदान की सूचना है। बिहार में नक्सली हमले और छिटपुट हिंसा के बीच 13 सीटों पर 46 प्रतिशत वोटिंग हुई। इसमें सीवान में सर्वाधिक 52 और सारण में 51 प्रतिशत जबकि आरा में सबसे कम करीब 38 प्रतिशत वोटिंग की सूचना है। हालांकि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुधीर कुमार राकेश ने कहा कि ये आंकड़े औपबंधिक हैं और इसमें और संशोधन हो सकता है। उन्होंने दावा किया कहा कि चुनाव में बूथ कब्जे की कोई भी घटना नहीं हुई। चुनाव के दौरान गया संसदीय क्षेत्र के सिंधुपुर बूथ पर नक्सली हमले में होमगार्ड के एक और जिला पुलिस बल के एक जवान की मौत हो गयी है। वहीं गया के बाराचट्टी और सासाराम में नक्सलियों के साथ आईटीबीपी और बीएसएफ की मुठभेड़ की सूचना है।ड्ढr ड्ढr मतदान के दौरान लगभग 70 स्थानों पर ईवीएम बदली गयी। सात बूथों पर सुरक्षा कारणों से पोलिंग पार्टी नहीं पहुंच पायी जिसके कारण मतदान नहीं हो सका। इसमें औरंगाबाद के इमामगंज में बूथ संख्या और 6 बूथ रोहतास जिले में हैं। सिंधुपुर नक्सली हमले कारण वोटिंग नहीं हो सकी। इसके अलावा गया में ही सुरक्षा कारणों से एक बूथ पर वोटिंग नहीं हो पायी। सारण में दो जगहों पर ईवीएम तोड़े जाने की सूचना है। चुनाव के दौरान करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया। महाराजगंज से उम्मीदवार तारकेश्वर सिंह को हिरासत में गया था। इसके अलावा सीवान में विधायक इंद्रदेव भगत और एक विधान पार्षद परमात्मा राम को भी हिरासत में लिए जाने की सूचना है। पुनर्मतदान के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर गड़बड़ी की शिकायत मिली है वहां के मतदानकर्मियों के लिए स्पेशल काउंटर बनाए गए हैं। उनसे प्राप्त दस्तावेज के आधार पर चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आयोग के निर्देश पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। शुक्रवार को यह स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पहले चरण का चुनाव छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराया गया है। बहिष्कार, मारपीट तथा पथराव की छिटपुट घटनाओं के बीच बक्सर में 45 से 50 फीसदी वोट पड़े। अटांव पंचायत के ग्रामीण बहिष्कार के निर्णय पर कायम रहे।ड्ढr ड्ढr गोपालगंज सुरक्षित सीट पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। कुल करीब 40 फीसदी मतदाताओं ने ही मतदान में हिस्सा लिया। भोजपुर में लोजपा के पोलिंग एजेंट के साथ छुरबाजी व छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। सीवान में चुनाव पहली बार शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ। 50 से 55 प्रतिशत मतदान होने की सूचना है। महाराजगंज संसदीय क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी रवीन्द्र नाथ मिश्र के भाई को 24 हाार रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया। पचरूखी में स्वास्थ्य राज्य मंत्री व्यासदेव प्रसाद के निजी सचिव विनोद कुमार ने ईवीएम तोड़ दी। मंत्री के पीए पर प्राथमिकी का आदेश दे दिया गया है। कैमूर में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। जहानाबाद में छिटपुट घटनाओं के बीच लगभग 45 प्रतिशत मतदान हुआ। छिटपुट घटनाओं के बीच शेखपुरा में 45 से 50 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। कोसुम्भा-बेलदरिया प्राथमिक विद्यालय बूथ पर पोलिंग एजेंट, मतदानकर्मी व वोटरों के बीच लाइन लगाने के लिए झड़प हो गयी। छपरा में 45 से 50 फीसदी मतदान हुआ। महाराजगंज में प्रभुनाथ सिंह के आवास पर उनकी गतिविधि पर नजर रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वहीं बसपा प्रत्याशी रवीन्द्रनाथ मिश्रा की गाड़ी असामाजिक तत्वों ने तोड़ दी। नवादा में छिटपुट घटनाओं के बीच चुनाव शांतिपूर्ण रहा। नरहट में लोजपा प्रत्याशी के वाहन के शीशे असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़े जाने की खबर है। उधर जमुई में गिद्धौर प्रखंड के कैराकादो में आपस में भिड़े ग्रामीणों ने ईवीएम तोड़ दी। इस दौरान पुलिस ने हवा में दो राउंड गोलियां भी चलायीं। पहले चरण में जिन दिग्गजों के भाग्य का फैसला होना है उनमें लालू प्रसाद, मुरली मनोहर जोशी, रामविलास पासवान, के. चंद्रशेखर राव, रणुका चौधरी, मीरा कुमार, प्रफुल्ल पटेल, मनोज तिवारी, बाबूलाल मरांडी, बंडारू दत्तात्रेय, शशि थरूर और यशवंत सिन्हा प्रमुख हैं। नतीजों के लिए इन्हें माह भर इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि मतगणना पांचों चरण के मतदान पूरा होने के बाद 16 मई को होगी। चुनाव उपायुक्त आर बालाकृष्णन ने नई दिल्ली में बताया कि पहले चरण में औसतन 58 से 62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया है।ड्ढr सबसे कम बिहार में 46 और सर्वाधिक लक्षद्वीप में 86 प्रतिशत मतदान हुआ। बालाकृष्णन ने मतदान को आम तौर पर शांतिपूर्ण बताते हुए कहा कि हिंसा की घटनाएं पांच राज्यों के नक्सल प्रभावित इलाकों तक सीमित रहीं। इन इलाकों में कुल 75 हजार मतदान केन्द्र थे। जिन 86 मतदान केन्द्रों में हिंसा, तोड़फोड़ और व्यवधान पहुंचाने की घटनाएं हुईं उनमें 71 नक्सल प्रभावित इलाकों के हैं। गड़बड़ी वाले इलाकों में पुनर्मतदान के बारे में फैसला पर्यवेक्षकों और मतदान अधिकारियों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद किया जाएगा। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार बिहार में 46, जम्मू कश्मीर में 48, उत्तर प्रदेश और झारखंड में 50, छत्तीसगढ़ में 51, मिजोरम में 52, उड़ीसा में 53, महाराष्ट्र में 54, केरल में 60, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार और असम में 62, मेघालय और आंध्र प्रदेश में 65, मणिपुर में 66, नागालैंड में 84 और लक्षद्वीप में 86 प्रतिशत वोट डाले गए। चुनाव के पहले चरण में एक लाख 85 हजार मतदान केन्द्रों पर नौ लाख चुनावकर्मी तैनात किए गए थे।ड्ढr ड्ढr इसमें कुल तीन लाख इलैक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया और 14 करोड़ 31 लाख मतदाताओं में से लगभग 60 प्रतिशत ने वोट डाले। आंध्र प्रदेश की 2में से 154 और उड़ीसा की 147 में से 70 विधानसभा सीटों के लिए भी पहले चरण में वोट डाले गए। पहले चरण में विधानसभा के लिए उड़ीसा में 645 और आंध्र प्रदेश में 1833 उम्मीदवार होड़ में हैं।छत्तीसगढ़ और केरल की सभी लोकसभा सीटों पर इस चरण में ही मतदान हुआ। छत्तीसगढ़ में 11 और केरल में 20 लोकसभा क्षेत्र हैं। आंध्र प्रदेश में 22, अरुणाचल प्रदेश में दो, असम में तीन, बिहार में 13, जम्मू-कश्मीर में एक, महाराष्ट्र में 13, अंडमान निकोबार में एक, लक्षद्वीप में एक, मेघालय में दो, मिजोरम में एक, नागालैंड में एक, मणिपुर में एक, उत्तर प्रदेश में 16, झारखंड में छह और उड़ीसा में 10 लोकसभा क्षेत्रों में वोट डाले गए। बालाकृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नक्सल प्रभावित इलाकों को इसी चरण में रखा गया था। उनकी चुनौतियों और इलाकों के दूरदराज होने के बावजूद मतदान बिना किसी बड़ी बाधा के संपन्न हो गया। बालाकृष्णन ने बताया कि बिहार में दो विधायकों और महाराजगंज से कांग्रेस के उम्मीदवार तारकेश्वर सिंह समेत लगभग 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जम्मू-कश्मीर में इस चरण में 2004 के आम चुनावों की तुलना में चार प्रतिशत अधिक मतदान हुआ और हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। अलबत्ता तीन मतदान केन्द्रों पर स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया गया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल जैसे बड़े राज्यों के अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी मतदान कमोबेश शांतिपूर्ण रहा। बालाकृष्णन ने कहा कि इस बार समूचे देश में फोटो मतदाता पहचान पत्र और इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के जरिए मतदान कराया जा रहा है। लेकिन जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में हैं उन्हें 13 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से कोई एक दिखा कर भी वोट डालने का मौका दिया गया है।

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