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31 मई, 2020|1:18|IST

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प्रदेश भाजपा कीविशेष टीम पर सबकी निगाहें

बिहार भाजपा की विशेष टीम पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। यही टीम अब पार्टी के महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं अन्य मुद्दों पर निर्णय लेगी। कुल 20 नेताओं की इस टीम में 7 ऐसे नेता हैं जो पिछले दिनों किसी न किसी वजह से प्रदेश नेतृत्व से नाराज रहे थे। विक्षुब्धों की जमात में शामिल इन नेताओं के दबाव पर ही प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के लिए आलाकमान को मतदान तक कराना पड़ा था। इस लिहाज से अभी यह कहना मुश्किल है कि केन्द्रीय नेतृत्व की यह कवायद प्रदेश भाजपा में ‘असंतोष’ दूर करने में कितना कारगर होगी। वैसे इतना जरूर है कि अब प्रदेश नेतृत्व के लिए किसी मुद्दे पर निर्णय लेना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।ड्ढr ड्ढr भले ही संख्या बल के आधार पर महत्वपूर्ण निर्णयों में विक्षुब्धों की नहीं चल सके मगर मुखर विरोध का उनका तेवर बरकरार है। वैसे दोनों खेमा अपने-अपने तरीके से नई टीम में ‘शक्ित संतुलन’ का आकलन करने में लगा है। बहस का मुद्दा यह है कि अभी किस खेमे का पलड़ा भारी है। विशेष टीम में प्रदेश के 12 प्रमुख नेताओं के साथ ही 8 विशेष आमंत्रित सदस्यों को रखा गया है। विशेष आमंत्रितों में राष्ट्रीय स्तर के 4 नेताओं के अलावा प्रदेश के चारों महामंत्री भी शामिल हैं। प्रदेश की एक मात्र उपाध्यक्ष सुखदा पांडेय भी टीम में हैं। इसके जरिए आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व के सामने अपनी मंशा साफ कर दी है-लोकसभा चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए सबको साथ लेकर चलना होगा। विक्षुब्ध खेमा अरसे से मांग करता रहा है कि पार्टी निजी जागीर की तरह नहीं बल्कि आम सहमति से चलाई जाए। माना जा रहा है कि सामूहिक निर्णय की सोच के तहत ही प्रदेश की नई टीम में ‘जख्मी दिल’ वाले कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। अब अफसर मुखियों को अंधेर में नहीं रख सकेंगेड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। अब अधिकारी योजनाओं को लेकर मुखियों को अंधेर में नहीं रख सकेंगे। राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है जिसमें अधिकारियों को मुखियों को बताना होगा कि उनके पंचायत के माध्यम से कितनी योजनाएं चल रही हैं और इसके लिए कितनी राशि आई है। दरअसल यह मुखियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण का ही हिस्सा है।ड्ढr इस प्रशिक्षण में ही अधिकारियों को सारी जानकारी मुखियों को देनी होगी। इसके लिए सभी जिलों के डीडीसी को राज्य सरकार ने पत्र लिखकर कहा है कि वे इस प्रशिक्षण के लिए एक तिथि मुकर्रर करं। जुलाई के अंतिम सप्ताह तक मुखियों का प्रशिक्षण संपन्न कर देना है और अगस्त के पहले सप्ताह से जिला परिषद और पंचायत समितियों के सदस्यों का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या के हिसाब से सभी जिलों को राशि भेज दी गई है। अकेले मधुबनी जिले के लिए 50 हाार रुपये भेजे गए हैं।ड्ढr ड्ढr पंचायती राज मंत्री हरि प्रसाद साह ने बताया कि पंचायतों को अधिकारसंपन्न करने के साथ ही उन्हें जागरूक करना भी जरूरी है। योजनाओं की पूरी जानकारी रहने से पंचायतें सशक्त बनेंगी। श्री साह ने बताया कि जिले में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि वे इन प्रशिक्षणों में जाएं और पंचायत प्रतिनिधियों को बताएं कि उनके विभाग की ओर से पंचायतों के लिए क्या किया जा रहा है और क्या किया जाने वाला है।

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