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बारा-करछना परियोचाना लटकने की आशंका

इलाहाबादोिले में निाी क्षेत्र में लगने वाली 10 मेगावाट की बारा व 1320 मेगावाट की करछना बिाली परियोनाओं में अब और देरी होगी। सरकार इनके लिए नए सिर से बोली लगाना चाहती है।ड्ढr इस बार बोली लगाने वालों के लिए कुछ नए और आकर्षक प्रस्ताव रखेोाएँगे। इसके तहत निर्माता कंपनी को कुल बिाली का पहले से यादा हिस्सा देना शामिल हो सकता है। यह बिाली निर्माता कंपनी खुले बार में बेच सकेगी। एक विचार यह भी है कि बारा में 660 मेगवाट की तीन इकाइयों कीोगह चार इकाइयाँ लगाईोाएँ। चौथी इकाई की उत्पादित बिाली के बड़े हिस्से पर निर्माता कंपनी का हक हो। मौाूदा करार में यूपी को 0 फीसदी और निर्माता कंपनी को दस फीसदी बिाली मिलने का प्रावधान है।ड्ढr इन परियोनाओं के लिए पहले दो बार बोली लग चुकी है। पहली बार लैन्को कोंडापल्ली कंपनी ने सबसे कम दर देकर बााी मारी थी लेकिन सरकार ने दरों को यादा मानते हुए उस प्रक्रिया को रद्द कर दिया था।ोिन नौ कंपनियों ने पहली बार बोली लगाई थी उनसे ही दोबारा दर देने को कहा गया। दूसरी बार रिलायंस एनर्ाी ने सबसे कम दर दी तो उसे परियोना देने का फैसला हुआ।बताते हैं कि सरकार इस दर को भी यादा मान रही है। लिहा अब पूरी प्रक्रिया नए सिर से होगी। नया ग्लोबल टेण्डरोारी होगा। पुरानी प्रक्रिया को रद कर नए सिर से बोली माँगने से सम्बंधित अधिसूचना एक-दो दिन मेंोारी होगी। बिाली महकमे के अधिकारियों ने इस बाबत राय विद्युत नियामक आयोग को भी मौखिकोानकारी दे दी है क्योंकि उसकी मांूरीोरूरी है। आयोग के अध्यक्ष विाय कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार पूरी प्रक्रिया नए सिर से करना चाहती है।ोब लिखित रूप से कुछ सामने आएगा तभी हम मांूरी दे पाएँगे। श्री कुमार ने माना कि नए सिर से प्रक्रिया परियोना को विलम्बित करगी। पहले तय था कि इसी साल काम शुरू होोाएगा। अब पूरी प्रक्रिया को निपटाने में ही साल निकलोाएगा। अगले साल ही काम शुरू हो पाएगा।

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