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आरुषि मामले में यूपी पुलिस के अफसरों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं

आरुषि-हेमराा हत्याकांड में आपत्तिानक बयानबााी करने वाले यूपी के सीनियर पुलिस अफसरों पर राय सरकार फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करगी। राय के प्रमुख सचिव (गृह) फतेह बहादुर सिंह और डीाीपी विक्रम सिंह ने रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि इस मामले में सीबीआई की चराशीट दाखिल होने और न्यायालय का फैसले आने के बाद पुलिस की भूमिका गलत मिलने पर ही कोई कार्रवाई होगी।ड्ढr यह प्रेस कान्फ्रेंस रविवार को ही मुंबई में सपा महासचिव अमर सिंह की पत्रकार वार्ता केोवाब में थी। फतेह बहादुर सिंह ने अमर सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि आा एक प्रेस कान्फ्रेंस में कुछ ऐसे बिन्दु उठाए गएोिन पर राय के गृह विभाग काोवाब देनाोरूरी है। आरुषि मामले में प्रमुख सचिव गृह ने सीबीआई का हवाला देते हुए कहा कि खुद केन्द्रीयोाँच एोन्सी कह रही है कि उसके निष्कर्ष अंतिम नहीं हैं। अभीोाँच चल रही है। लिहा इस मामले में यूपी पुलिस के किसी अधिकारी पर तभी कार्रवाई होगीोब न्यायालय अपने फैसले में उनकी भूमिका को गलत मानेगा। अमर सिंह द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस में बाँटी गई सीडी व अधिकारियों पर लगाए आरोपों को फतेह बहादुर सिंह ने गलत बताया। श्री सिंह ने कहा कि इसी सीडी के बार में बीती 13 मई को लखनऊ में भी एक प्रेस कान्फ्रेंस हुई थी। उसी दिन सरकार की ओर से एक प्रेस विज्ञप्तिोारी कर दी गई थी। उसका सार इतना था कि एक वरिष्ठ नेता के रिश्तेदार अवैध तरीके से बस चलवा रहे थे। इस मामले में हमीरपुर में मुकदमा र्दा कराया गया था। इसकीोाँच करने सब इंस्पेक्टर केके द्विवेदी कोलकाता गए थे। वहीं उन्होंने कुछ अनर्गल बातचीत की। इस प्रकरण कीोाँच 13 मई को ही एंटी करप्शन ऑर्गनाक्षेशन को सौंप दी गई।ड्ढr इस मामले में द्विवेदी को निलंबित कियाोा चुका है। एक अन्य अधिकारी डी.के.राय के निलंबन पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ठोकिया के हाथों मार गए छह कमांडो व एक नागरिक की मृत्यु के मामले में लापरवाही के दोषी पाए गए थे। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चल रही है।

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