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नेपाल : माओवादी सरकार के गठन का रास्ता साफ

नेपाल में कार्यवाहक संसद द्वारा ‘साधारण बहुमत से प्रधानमंत्री के निर्वाचन’ वाले संविधान संशोधन को रविवार को मंजूरी दिए जाने के साथ ही यहां माओवादियों के नेतृत्व में सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। सत्र के दौरान मौजूद कुल 44सदस्यों में से 442 ने संविधान के पांचवें संशोधन के पक्ष में वोट दिया। इसके आधार पर सर्वसम्मति नहीं होने की सूरत में प्रधानमंत्री को साधारण बहुमत के आधार पर नियुक्त किया जा सकेगा और हटाया जा सकेगा। अप्रैल में हुए चुनावों में माओवादी सबसे बड़े दल के रूप में उभरे थे, लेकिन वह जरूरी दो -तिहाई बहुमत जुटाने में नाकाम रहे। करीब नौ घंटे तक चले सत्र में सदन में इस बात पर सहमति बनी कि नेपाल के प्रथम राष्ट्रपति का चयन साधारण बहुमत से किया जाए, जबकि राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। स्वायत्त मधेशी राज्य की मांग कर रही तराई की तीन प्रमुख पार्टियों ने इस सत्र का बहिष्कार किया और वे नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरू कर सकती हैं। यदि ऐसा हुआ, तो माओवादियों का इंतजार कुछ लंबा खिंच सकता है। माओवादी सांसद और पार्टी की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के उपप्रमुख जनार्नद शर्मा उर्फ प्रभाकर ने कहा कि अगले दो दिनों में नेपाल के पहले राष्ट्रपति का चुनाव हो सकता है और उसके बाद नई सरकार की घोषणा होगी। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी एकीकृत माक्र्सवादी-लेनिनवादी (यूएमएल) माओवादी नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो सकती है। इसका संकेत रविवार को तब मिला जब राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में विपक्ष के एक सदस्य को भेजने के प्रस्ताव को नामंजूर करने के लिए यूएमएल माओवादियों के साथ हो गई।

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  • Web Title: माओवादी सरकार के गठन का रास्ता साफ