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अब एनआरएचएम की सामुदायिक निगरानी होगी

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में निहित स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ित तक पहुंचे, इसके लिए सामुदायिक निगरानी की प्रक्रिया अपनायी गयी है। इसके तहत राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठानिक समितियों का गठन किया जाना है। झारखंड में एनआरएचएम की जमीनी स्थिति जानने के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति का गठन किया गया है। प्रथम चरण में राज्य के पलामू, प. सिंहभूम और हाारीबाग के नौ प्रखंडों में समिति एनआरएचएम के अनुश्रवण का कार्यक्रम चलायेगी। यह तथ्य सोमवार को सिनी की ओर से आयोजित मीडिया वर्कशॉप में सामने आये। वर्कशॉप का उद्घाटन राज्य आरसीएच पदाधिकारी डॉ विजय शंकर नारायण सिंह ने किया।ड्ढr उन्होंने कहा कि राज्य में एनआरएचएम की प्रगति काफी अच्छी नहीं है। वे लोग अच्छा काम कर रहे राज्यों की बराबरी में आने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य में मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सीएचएसजे की डॉ रूद्र विवेक ने एनआरएचएम में सामुदायिक निगरानी के विभिन्न पहलुओं के बार में बताया। वर्कशॉप में सिनी के डॉ सुरांन प्रसाद, निदेशक डॉ प्रिसिला मिंज, विष्णु रागढ़िया ने भी विचार रखे। वर्कशॉप में मीडिया के लोग और एनजीओ प्रतिनिधि शामिल हुए।ड्ढr

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